जमशेदपुर।
झारखंड की औद्योगिक नगरी जमशेदपुर से सियासत की एक बड़ी खबर सामने आई है। शहर के सर्किट हाउस में सोमवार को आयोजित एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस में झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने महिला आरक्षण के मुद्दे पर केंद्र की सत्ताधारी सरकार को आड़े हाथों लिया। झामुमो प्रवक्ता कुणाल षाड़ंगी ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर गंभीर आरोप लगाते हुए स्पष्ट कहा कि महिला आरक्षण को लेकर केंद्र सरकार की नीयत बिल्कुल भी साफ नहीं है और इस संवेदनशील मुद्दे का इस्तेमाल केवल राजनीतिक लाभ लेने के लिए किया जा रहा है।
बिल पास होने के बावजूद लागू न होने पर उठाए सवाल
प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कुणाल षाड़ंगी ने सीधे तौर पर केंद्र सरकार की कार्यशैली पर सवालिया निशान लगाए। उन्होंने याद दिलाया कि वर्ष 2023 में ही महिला आरक्षण विधेयक संसद के दोनों सदनों से भारी बहुमत के साथ पारित हो चुका है, लेकिन इसके बावजूद अब तक इसे जमीनी स्तर पर लागू नहीं किया गया है। उन्होंने कड़े शब्दों में पूछा कि आखिर सरकार इस ऐतिहासिक बिल का नोटिफिकेशन जारी करने में इतनी देरी क्यों कर रही है? झामुमो का स्पष्ट मत है कि अगर केंद्र सरकार वास्तव में देश की महिलाओं को सशक्त बनाना चाहती है, तो उसे बिना किसी बहाने और देरी के इस कानून को तुरंत लागू करना चाहिए।
भाजपा पर ‘राजनीतिक खेल’ खेलने का आरोप
झामुमो प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि भाजपा महिला आरक्षण के नाम पर देश की आधी आबादी के साथ सिर्फ “राजनीतिक खेल” खेल रही है। कुणाल षाड़ंगी ने कहा कि हाल ही में लोकसभा में जो विधेयक पेश किए गए, उनमें परिसीमन (डिलिमिटेशन) और अन्य कई मुद्दों से जुड़े प्रस्ताव तो शामिल थे, लेकिन हैरत की बात यह है कि किसी भी बिल में महिलाओं के आरक्षण को लेकर कोई स्पष्ट प्रावधान या चर्चा नहीं की गई। इस रवैये से यह पूरी तरह साफ हो जाता है कि भाजपा की वास्तविक प्राथमिकताओं में महिला आरक्षण शामिल ही नहीं है।
विपक्ष पर लगे आरोपों को बताया बेबुनियाद
कुणाल षाड़ंगी ने आगे कहा कि अपनी कमियों को छिपाने के लिए भाजपा अब झामुमो, कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों पर यह झूठा आरोप मढ़ रही है कि वे महिला आरक्षण का विरोध कर रहे हैं। उन्होंने इन आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद और भ्रामक करार दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि झामुमो हमेशा से महिलाओं के अधिकारों, सम्मान और सत्ता में उनकी भागीदारी के पुरजोर पक्ष में रहा है। पार्टी ने झारखंड में राज्य स्तर पर महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाने के लिए कई ऐतिहासिक और ठोस कदम उठाए हैं।
जनआंदोलन की चेतावनी और जल्द लागू करने की मांग
प्रेस कॉन्फ्रेंस के अंत में झामुमो नेताओं ने केंद्र सरकार को अल्टीमेटम देते हुए मांग की कि महिला आरक्षण कानून को जल्द से जल्द लागू किया जाए, ताकि संसद और सभी राज्यों की विधानसभाओं में महिलाओं की उचित भागीदारी सुनिश्चित हो सके। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह केवल एक राजनीतिक मुद्दा नहीं है, बल्कि यह देश की आधी आबादी के मूलभूत अधिकारों और सम्मान से जुड़ा एक बेहद अहम सवाल है। झामुमो ने यह भी चेतावनी दी कि यदि केंद्र सरकार इस मुद्दे पर जल्द कोई ठोस कदम नहीं उठाती है, तो पार्टी इसे लेकर सड़क से सदन तक एक व्यापक जनआंदोलन छेड़ने पर विचार करेगी। आज की महिलाएं पूरी तरह जागरूक हैं और अपने अधिकारों के लिए आवाज बुलंद करने को तैयार हैं।





