जमशेदपुर।
संसद के विशेष सत्र के समापन के बाद, जमशेदपुर और इसके आसपास के क्षेत्रों के लिए रेलवे विकास के मोर्चे पर कई बड़ी और अहम खबरें सामने आई हैं। सांसद बिद्युत बरण महतो ने रेलवे के कार्यपालक निदेशक (जन शिकायत) विकास जैन से मुलाकात कर टाटानगर स्टेशन के रेलवे से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की। इस अहम बैठक में टाटानगर स्टेशन के बुनियादी ढांचे के विकास से लेकर नई ट्रेनों के परिचालन तक की कई महत्वाकांक्षी परियोजनाओं पर मुहर लगने के संकेत मिले हैं, जो आने वाले समय में शहर के लिए एक बड़ी उपलब्धि साबित होगी।
नई रेल लाइनों और सैटेलाइट स्टेशन का निर्माण
मुलाकात के दौरान विकास जैन ने रेल मंत्री द्वारा सांसद बिद्युत बरण महतो को लिखे गए पत्र का विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि टाटानगर और जमशेदपुर के सीमावर्ती क्षेत्रों में नई रेल लाइनों का जाल बिछाने के लिए रेलवे बेहद तेज गति से काम कर रहा है। रेल मंत्री के पत्र के अनुसार, पान्ड्रासाली और कांड्रा के बीच चौथी और पांचवी रेलवे लाइन का निर्माण किया जाना है। इसके साथ ही, बढ़ती भीड़ को नियंत्रित करने और यात्री सुविधाओं को आधुनिक बनाने के लिए टाटानगर के समीप एक अत्याधुनिक सैटेलाइट स्टेशन का भी निर्माण किया जाएगा। इन दोनों महत्वपूर्ण योजनाओं के लिए फाइनल लोकेशन सर्वे को रेलवे बोर्ड की ओर से आधिकारिक स्वीकृति प्रदान कर दी गई है।
गति शक्ति और वंदे भारत डिपो के लिए करोड़ों की योजनाएं
सांसद महतो ने टाटानगर रेलवे स्टेशन की क्षमता विस्तार को लेकर दो प्रमुख मांगों पर त्वरित स्वीकृति का आग्रह किया। पहला, टाटानगर रेलवे स्टेशन पर गति शक्ति योजना के तहत चार अतिरिक्त लूप लाइन और नए प्लेटफार्म का निर्माण, जिसकी अनुमानित लागत लगभग 482 करोड़ रुपये है। दूसरा, वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों के रखरखाव के लिए 383.78 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से एक आधुनिक वंदे भारत कोच डिपो का निर्माण। विकास जैन ने आश्वस्त किया है कि ये दोनों मामले रेल मंत्री के संज्ञान में हैं और रेलवे बोर्ड के पास लंबित इन योजनाओं को बहुत जल्द अंतिम स्वीकृति मिल जाएगी। इन प्रोजेक्ट्स के पूरा होने से टाटानगर पूर्वी भारत का एक प्रमुख रेलवे हब बन जाएगा।
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टाटा-जयपुर और टाटा-बेंगलुरु के बीच नई ट्रेनों की तैयारी
यात्रियों की लंबी दूरी की यात्राओं को सुविधाजनक बनाने के लिए सांसद महतो ने टाटा से जयपुर के लिए सीधी रेल सेवा की वर्तमान स्थिति की भी जानकारी मांगी। विकास जैन ने बताया कि पूर्व में भेजे गए प्रस्ताव पर रेल मंत्री ने अहम संशोधन का सुझाव दिया है। रेल मंत्रालय चाहता है कि टाटा और जयपुर के बीच सबसे छोटे (शॉर्ट) रूट से ट्रेन चलाई जाए ताकि यात्रियों का समय बच सके, क्योंकि वर्तमान प्रस्तावित रूट काफी लंबा और अधिक समय लेने वाला था।
इसके अतिरिक्त, दक्षिण भारत की यात्रा को आसान बनाने के लिए टाटा से बेंगलुरु तक एक नई अतिरिक्त ट्रेन सेवा शुरू करने की भी पुरजोर मांग की गई है। यह प्रस्तावित ट्रेन खड़गपुर, भुवनेश्वर, आंध्र प्रदेश और काटपाडी होते हुए बेंगलुरु तक जाएगी। रेलवे प्रशासन इस नए और अहम रूट पर ट्रेन चलाने की संभावनाओं पर पूरी गंभीरता के साथ विचार कर रहा है।
अंत्योदय एक्सप्रेस का होगा पुनः परिचालन
बैठक में गरीब और आम यात्रियों की सुविधा के लिए अंत्योदय एक्सप्रेस के पुनः परिचालन का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। सांसद महतो ने सुझाव दिया कि अंत्योदय एक्सप्रेस को लाभदायक बनाने और अधिक यात्रियों को सुविधा देने के लिए इसमें सामान्य श्रेणी के साथ-साथ आरक्षित श्रेणी के कोच भी लगाए जाने चाहिए। विकास जैन ने कहा कि रेलवे बोर्ड इस व्यावहारिक सुझाव पर गंभीरता से मंथन कर रहा है और जल्द ही इस पर सकारात्मक निर्णय आने की उम्मीद है।
इस सार्थक मुलाकात के बाद सांसद बिद्युत बरण महतो ने विश्वास जताया कि रेलवे की ये सभी महत्वपूर्ण योजनाएं बहुत जल्द धरातल पर उतरेंगी। निकट भविष्य में ही टाटानगर रेलवे स्टेशन और यहां से सफर करने वाले लाखों यात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं और बड़े आमूल-चूल परिवर्तन देखने को मिलेंगे।





