जमशेदपुर। कदमा स्थित गुरुद्वारा साहिब में अमृत वेला परिवार के तत्वावधान में 110वें ‘अमृत वेला समागम’ का भव्य और शांतिपूर्ण आयोजन किया गया। यह धार्मिक कार्यक्रम पूरी तरह से आस्था, श्रद्धा और भक्ति के अलौकिक वातावरण में संपन्न हुआ। इस विशेष समागम में शहर भर से बड़ी संख्या में संगत ने भाग लिया और गुरु जस एवं मधुर कीर्तन का रसास्वादन कर अपना जीवन सफल बनाया। तड़के सुबह से ही पूरा गुरुद्वारा परिसर गुरुबाणी के पवित्र और मधुर स्वरों से गूंजता रहा, जिससे वहां का पूरा वातावरण भक्तिमय और सकारात्मक ऊर्जा से भर गया।
नन्हे हरजस सिंह की निरंतर लगन और बच्चों की उत्साहपूर्ण भागीदारी
इस 110वें समागम की सबसे खास बात बच्चों और युवाओं की उत्साहपूर्ण और सक्रिय भागीदारी रही, जिसने वहां मौजूद सभी वरिष्ठ लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। विशेष रूप से नन्हे हरजस सिंह की धार्मिक लगन और उनकी नियमित उपस्थिति की हर तरफ जमकर सराहना की गई। हरजस सिंह पिछले दो वर्षों से बिना किसी नागा के लगातार इस अमृत वेला समागम में शामिल होकर गुरु घर की सेवा और वंदना कर रहे हैं। आज की युवा पीढ़ी और छोटे बच्चों में इस तरह के गहरे धार्मिक संस्कार और गुरुबाणी से उनका यह अटूट जुड़ाव देखकर वहां मौजूद पूरी संगत भाव-विभोर हो उठी।
तड़के 4:30 बजे से शुरू हुआ शबद-कीर्तन का अविरल प्रवाह
रविवार को भोर में, यानी तड़के 4:30 बजे से ही गुरुद्वारा साहिब में शबद-कीर्तन की पावन शुरुआत हो गई थी। अलसुबह जैसे ही गुरु घर में ‘बोले सो निहाल’ के जयकारे लगे, पूरा कदमा गुरुद्वारा परिसर और आसपास का क्षेत्र गुरु की महिमा से गुंजायमान हो उठा। इस अलौकिक शांति के समय में गुरुबाणी का पाठ हर श्रद्धालु के मन को सुकून दे रहा था। इस समागम में श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती संख्या स्पष्ट रूप से यह दर्शाती है कि अमृत वेला समागम के प्रति लोगों की आस्था और विश्वास दिनों-दिन गहरा होता जा रहा है। अब आलम यह है कि शहर की संगत पूरे सप्ताह इस रविवार के विशेष आयोजन का बेसब्री से इंतजार करती है।
मनीफीट और बागबेड़ा गुरुद्वारा में आगामी कार्यक्रमों की विस्तृत रूपरेखा
अमृत वेला परिवार का यह आध्यात्मिक कारवां यहीं रुकने वाला नहीं है। संस्था द्वारा भविष्य के आगामी धार्मिक कार्यक्रमों की विस्तृत रूपरेखा भी पहले ही तय कर ली गई है। इसी कड़ी में, आने वाले मंगलवार को मनीफीट गुरुद्वारा साहिब में शाम 7:00 बजे से रात 8:00 बजे तक एक विशेष कीर्तन दरबार का आयोजन किया जाएगा। यह खास कीर्तन दरबार परमजीत सिंह परिवार की ओर से आयोजित करवाया जा रहा है।
इसके अतिरिक्त, 26 अप्रैल को पहली बार बागबेड़ा गुरुद्वारा साहिब (रोड नंबर 1) में एक बहुत ही बड़े और भव्य स्तर पर समागम आयोजित करने की जोर-शोर से तैयारी चल रही है। इस कार्यक्रम में भारी संख्या में संगत के जुटने की उम्मीद जताई जा रही है।
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समाज में सकारात्मकता और भाईचारे का संचार
अमृत वेला परिवार द्वारा किए जा रहे इन निरंतर प्रयासों से जमशेदपुर के सिख समुदाय और अन्य धर्म प्रेमियों में एक नई जागृति आई है। अलसुबह उठकर नाम जपने की यह परंपरा न केवल मानसिक शांति प्रदान करती है, बल्कि समाज में एकता और भाईचारे का भी संदेश देती है। इस तरह के भव्य आयोजनों से नई पीढ़ी को अपनी जड़ों, मर्यादा और संस्कृति से जुड़े रहने की गहरी प्रेरणा मिल रही है।





