
जमशेदपुर (Jamshedpur): 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के पावन अवसर पर जमशेदपुर प्रधान डाकघर प्रांगण में ‘योग संगम’ का गरिमामय आयोजन किया गया। इस विशेष कार्यक्रम की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि इसमें डाकघर के शत-प्रतिशत अधिकारियों और कर्मचारियों ने पूरे उत्साह और अनुशासन के साथ भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान सभी ने एक सुर में यह संकल्प लिया कि योग को वे महज एक दिन का उत्सव नहीं, बल्कि अपने दैनिक जीवन का अभिन्न और अनिवार्य हिस्सा बनाएंगे।

प्रधानमंत्री की दूरदर्शी सोच का परिणाम: विश्वजीत रॉय
इस अवसर पर वरीय डाकपाल विश्वजीत रॉय ने सभी कर्मचारियों की सक्रिय भागीदारी की सराहना की। उन्होंने अपने संबोधन में प्रधानमंत्री की दूरदर्शी सोच को नमन करते हुए कहा कि, “यह प्रधानमंत्री की ही अप्रतिम दूरगामी सोच का परिणाम है, जिसने हमारी पौराणिक काल से चली आ रही इस अमूल्य योग परंपरा को आज पूरे विश्व और भारतवर्ष में जन-जन की एक विराट सांस्कृतिक क्रांति के रूप में स्थापित कर दिया है।”
सामूहिक योगाभ्यास और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता
‘योग संगम’ कार्यक्रम में डाक कर्मियों ने विभिन्न प्रकार के योगासनों और प्राणायाम का अभ्यास किया। सुबह के शांत वातावरण में हुए इस योगाभ्यास सत्र का उद्देश्य कर्मचारियों को भागदौड़ भरी जिंदगी में मानसिक शांति, तनाव मुक्ति और बेहतर स्वास्थ्य के प्रति प्रेरित करना था। उपस्थित अधिकारियों ने माना कि डाक विभाग जैसी सेवा में, जहाँ निरंतर जनता की सेवा के लिए तत्पर रहना पड़ता है, वहां योग का नियमित अभ्यास शारीरिक और मानसिक ऊर्जा को बनाए रखने के लिए अनिवार्य है।
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एक स्वस्थ समाज की नींव
डाकघर के प्रांगण में आयोजित इस कार्यक्रम ने संदेश दिया कि स्वास्थ्य केवल एक व्यक्तिगत लक्ष्य नहीं है, बल्कि एक स्वस्थ समाज की आधारशिला है। सभी प्रतिभागियों ने माना कि यदि प्रत्येक सरकारी कर्मचारी योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करे, तो कार्यक्षमता में वृद्धि के साथ-साथ एक बेहतर और संतुलित कार्य-संस्कृति का भी विकास होगा। कार्यक्रम के समापन पर सभी ने एक-दूसरे के उत्तम स्वास्थ्य की कामना की।


