जमशेदपुर: सोना देवी विश्वविद्यालय, घाटशिला और अनुदीप फाउंडेशन फॉर सोशल वेलफेयर, कोलकाता के बीच विद्यार्थियों को कौशल विकास, रोजगारपरक प्रशिक्षण और बेहतर करियर अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। यह पहल शिक्षा के साथ व्यावहारिक ज्ञान और रोजगारपरक कौशल प्रदान करने की दिशा में विश्वविद्यालय का एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम है। आज के प्रतिस्पर्धी दौर में सिर्फ डिग्री हासिल करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि तकनीकी और व्यावहारिक कौशल का विकास भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
READ MORE :CHAIBASA NEWS: कोल्हान विश्वविद्यालय का बड़ा कदम, शैक्षणिक सत्र को नियमित करने के लिए जारी किया अकादमिक व परीक्षा कैलेंडर
तकनीकी और डिजिटल कौशल पर विशेष जोर
इस समझौते का मुख्य उद्देश्य छात्रों को वर्तमान उद्योग और रोजगार की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षित करना है। इसके तहत विद्यार्थियों को तकनीकी ज्ञान, डिजिटल कौशल, संचार कौशल, और व्यवहारिक दक्षता में निपुण बनाया जाएगा। साथ ही, प्रबंधन, प्रौद्योगिकी, वित्त और नई तकनीकों के क्षेत्र में प्रशिक्षण, कार्यशाला, इंटर्नशिप और रोजगार सहायता (Placement) जैसी शैक्षणिक गतिविधियों को तेजी से बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे छात्रों में आत्मविश्वास, कार्यकुशलता और रोजगार प्राप्त करने की क्षमता का विकास होगा।
शिक्षा के साथ कौशल विकास की आवश्यकता: अर्चना सिंह
विश्वविद्यालय की सहायक कुलसचिव अर्चना सिंह ने कहा कि आज के समय में छात्रों के लिए किताबी ज्ञान के साथ-साथ कौशल विकास बेहद जरूरी है। रोजगार परिदृश्य में लगातार बदलाव आ रहा है। ऐसे में नई तकनीक, डिजिटल ज्ञान और संचार कौशल से परिचित होना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यह समझौता छात्रों को अपनी रुचि और क्षमता के अनुसार नए कौशल सीखने का शानदार मंच प्रदान करेगा। विश्वविद्यालय एक ऐसा सकारात्मक वातावरण तैयार कर रहा है जहां छात्र आत्मविश्वास के साथ अपने करियर की सही दिशा तय कर सकें।
सर्वांगीण विकास और आत्मनिर्भरता का लक्ष्य: डॉ. नीत नयना
कुलसचिव डॉ. नीत नयना ने बताया कि विश्वविद्यालय विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए हमेशा प्रयासरत है। छात्रों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उन्हें व्यावहारिक दक्षताओं को भी अपनाना चाहिए। अनुदीप फाउंडेशन के साथ हुआ यह करार छात्रों को शिक्षा से सीधे रोजगार की दिशा में आगे बढ़ाने में मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने विश्वास जताया कि यह पहल छात्रों को आत्मनिर्भर बनाने और उनकी प्रतिभा को निखारने में बेहद कारगर होगी।
शिक्षा और कौशल का समन्वय समय की मांग: डॉ. ब्रज मोहन पाट पिंगुवा
सोना देवी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर डॉ. ब्रज मोहन पाट पिंगुवा ने स्पष्ट किया कि विश्वविद्यालय का लक्ष्य केवल शैक्षणिक उपाधि (डिग्री) बांटना नहीं, बल्कि युवाओं को कुशल, आत्मनिर्भर और रोजगार के योग्य बनाना है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि वर्तमान समय में शिक्षा और कौशल का सही समन्वय अत्यंत आवश्यक है। इस सहयोग के जरिए छात्रों को व्यावहारिक अनुभव और रोजगार की सटीक जानकारी मिलेगी। उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे इस अवसर का भरपूर लाभ उठाएं और अपने सुनहरे भविष्य के निर्माण के लिए पूरे लगन व मेहनत के साथ आगे बढ़ें।
कुलाधिपति श्री प्रभाकर सिंह ने विद्यार्थियों को किया प्रेरित
सोना देवी विश्वविद्यालय के कुलाधिपति श्री प्रभाकर सिंह ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि जीवन में सफलता के लिए केवल डिग्री पर्याप्त नहीं है। ज्ञान के साथ कौशल, अनुशासन, मेहनत, आत्मविश्वास और निरंतर सीखने की प्रवृत्ति सफलता की वास्तविक आधारशिला है।
उन्होंने कहा कि आज रोजगार के क्षेत्र में तेजी से बदलाव हो रहा है और नई-नई संभावनाएं सामने आ रही हैं। ऐसे समय में विद्यार्थियों को अपनी क्षमता को पहचानते हुए नए कौशल सीखने और स्वयं को समय के अनुरूप तैयार करने की आवश्यकता है।
कुलाधिपति ने विद्यार्थियों से कहा कि वे प्रशिक्षण के प्रत्येक अवसर को गंभीरता से लें और अपने ज्ञान एवं कौशल का विकास करें। विश्वविद्यालय का प्रयास है कि विद्यार्थी शिक्षा प्राप्त करने के बाद केवल रोजगार की तलाश करने वाले न बनें, बल्कि रोजगार के योग्य एवं आत्मनिर्भर युवा बनें।
श्री प्रभाकर सिंह ने कहा कि सोना देवी विश्वविद्यालय और अनुदीप फाउंडेशन के बीच हुआ यह समझौता युवाओं के भविष्य को मजबूत बनाने की दिशा में एक सराहनीय कदम है। इससे विद्यार्थियों को अपने सपनों को साकार करने और समाज एवं राष्ट्र के विकास में योगदान देने का अवसर मिलेगा।
शिक्षा और रोजगार के बीच की दूरी होगी कम
इस समझौते से विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ रोजगारपरक कौशल प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। प्रशिक्षण के माध्यम से विद्यार्थियों में तकनीकी दक्षता, व्यवहारिक ज्ञान, संचार क्षमता और आत्मविश्वास का विकास किया जाएगा।
विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि इस प्रकार के सहयोग से शिक्षा, कौशल और रोजगार के बीच की दूरी कम होगी तथा विद्यार्थियों को बदलते रोजगार बाजार की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने में सहायता मिलेगी।यह समझौता 4 अगस्त 2026 से 31 मार्च 2027 तक प्रभावी रहेगा।
इस अवसर पर विभागाध्यक्ष श्रीमती मोनिका सिंह, प्रौद्योगिकी विभाग की विभागाध्यक्ष श्रीमती पूजा तिवारी, श्री संजीव कुमार, रीजनल मैनेजर, श्री राजू मिश्रा, सीनियर मैनेजर-प्लेसमेंट तथा भावेश कांति, क्लस्टर मैनेजर सहित विश्वविद्यालय एवं अनुदीप फाउंडेशन के अन्य पदाधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
सोना देवी विश्वविद्यालय ने आशा व्यक्त की कि इस पहल से बड़ी संख्या में विद्यार्थी, युवा एवं महिलाएं लाभान्वित होंगे। यह पहल विद्यार्थियों को बेहतर भविष्य, आत्मनिर्भरता और रोजगार की दिशा में आगे बढ़ाने के साथ-साथ विश्वविद्यालय की गुणवत्तापूर्ण, कौशल आधारित एवं रोजगारपरक शिक्षा की प्रतिबद्धता को और मजबूत करेगी।

