जमशेदपुर: कोल्हान और सिंहभूम वासियों के लिए प्रस्तावित ढालभूमगढ़ एयरपोर्ट के निर्माण की दिशा में एक सकारात्मक प्रगति सामने आई है। व्यापार और वाणिज्य जगत का प्रतिनिधित्व करने वाले सिंहभूम चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (SCCI) के एक प्रतिनिधिमंडल ने वन प्रमंडल पदाधिकारी (DFO) सबा आलम अंसारी से मुलाकात की। इस अहम बैठक का उद्देश्य ढालभूमगढ़ एयरपोर्ट परियोजना के लिए वन भूमि हस्तांतरण (Forest Land Diversion) के लंबित मामलों की वर्तमान स्थिति पर विस्तृत चर्चा करना था।
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AAI ने पर्यावरण मंत्रालय को सौंपा अधिकांश जवाब
भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) ने 99.256 हेक्टेयर वन भूमि हस्तांतरण के लिए केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEF&CC) द्वारा उठाए गए 19 में से अधिकांश बिंदुओं का बिंदुवार जवाब प्रस्तुत कर दिया है। AAI ने संशोधित लागत-लाभ विश्लेषण, जल-विज्ञान अध्ययन, वन्यजीव प्रबंधन योजना और मृदा-कटाव नियंत्रण से जुड़ी सभी आवश्यक जानकारी PARIVESH पोर्टल पर अपलोड कर दी है।
लंबित बिंदुओं पर डीएफओ ने उच्चाधिकारियों को भेजी रिपोर्ट
कुछ महत्वपूर्ण बिंदु राज्य वन विभाग के पास लंबित थे, जिन्हें विभाग द्वारा सीधे स्पष्ट किया जाना था। इनमें मुख्य रूप से हाथी गलियारा “GAJAH”, पिछले पांच वर्षों के मानव-हाथी संघर्ष के आंकड़े और वन्यजीव आवास विखंडन से जुड़ी टिप्पणियां शामिल थीं। बैठक में डीएफओ सबा आलम अंसारी ने चैंबर को आश्वस्त किया कि इन सभी लंबित बिंदुओं पर उनके कार्यालय से आवश्यक जवाब तैयार कर वरिष्ठ अधिकारियों को प्रेषित किए जा चुके हैं, ताकि MoEF&CC स्तर पर प्रक्रिया बाधित न हो।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से त्वरित कार्रवाई की मांग
SCCI ने हाल ही में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर इन लंबित मामलों के शीघ्र निष्पादन का अनुरोध किया था। चैंबर अध्यक्ष मानव केडिया ने डीएफओ कार्यालय की तत्परता का स्वागत करते हुए कहा कि ढालभूमगढ़ एयरपोर्ट केवल एक अवसंरचनात्मक ढांचा नहीं है, बल्कि यह पूरे सिंहभूम और झारखंड राज्य के आर्थिक भविष्य से जुड़ी एक बेहद महत्वाकांक्षी योजना है।
सोनारी एयरोड्रम की सीमित क्षमता और नए एयरपोर्ट की आवश्यकता
मानव केडिया ने स्पष्ट किया कि वर्तमान सोनारी एयरोड्रम अपनी सीमित क्षमता के कारण आधुनिक और बड़े वाणिज्यिक विमानन परिचालन के लिए बिल्कुल उपयुक्त नहीं है। ऐसे में जमशेदपुर और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों में निवेश, पर्यटन और रोजगार सृजन को बढ़ावा देने के लिए ढालभूमगढ़ एयरपोर्ट बहुत जरूरी है। चैंबर ने राज्य सरकार से इस प्रक्रिया की समयबद्ध निगरानी करने की अपील की है, ताकि जल्द से जल्द स्टेज-I/स्टेज-II वन स्वीकृति प्राप्त हो सके और निर्माण कार्य शुरू हो।