
गम्हरिया (Gamharia): अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर सरायकेला-खरसावां जिले के गम्हरिया स्थित स्थानीय सामुदायिक भवन में टाटा स्टील फाउंडेशन (टीएसएफ) की ओर से युवाओं के लिए एक विशेष योग शिविर का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य औद्योगिक क्षेत्र के युवाओं को योग के प्राचीन विज्ञान के प्रति जागरूक करना और उन्हें एक अनुशासित व स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना था। सुबह के सत्र में आयोजित इस शिविर में क्षेत्र के लगभग 90 युवाओं ने पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लिया और विभिन्न योगासनों व प्राणायाम का व्यावहारिक अभ्यास किया।

ताड़ासन, वृक्षासन और भुजंगासन का हुआ गहन अभ्यास
सत्र के दौरान योग प्रशिक्षकों और सक्रिय स्वयंसेवकों ने उपस्थित युवाओं को शारीरिक संतुलन, लचीलेपन और मानसिक एकाग्रता को बढ़ाने वाले महत्वपूर्ण आसनों का अभ्यास कराया। इनमें मुख्य रूप से ताड़ासन, वृक्षासन और भुजंगासन शामिल थे। इसके साथ ही युवाओं को सही तरीके से श्वास लेने और छोड़ने की तकनीक (प्राणायाम) सिखाई गई। विशेषज्ञों ने बताया कि भागदौड़ भरी आधुनिक दिनचर्या और करियर के दबाव के बीच खुद को शारीरिक व मानसिक रूप से तरोताजा रखने के लिए इन मूलभूत आसनों का नित्य अभ्यास बेहद कारगर साबित होता है।
‘स्वस्थ युवा ही देश की सबसे बड़ी ताकत’
कार्यक्रम के दौरान योग के वैज्ञानिक लाभों और तनाव प्रबंधन (Stress Management) में इसकी प्रत्यक्ष भूमिका पर विस्तार से चर्चा की गई। मौके पर टाटा स्टील के सिविल विभाग से जुड़े स्वयंसेवक नीलकमल दास ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि योग को केवल एक सामान्य शारीरिक कसरत के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। यह जीवन को संतुलित, संयमित और लक्ष्य के प्रति केंद्रित बनाने की एक अत्यंत प्रभावी पद्धति है। उन्होंने युवाओं से प्रतिदिन कम से कम 30 मिनट योग करने का आह्वान करते हुए कहा कि शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ युवा ही इस देश की सबसे बड़ी ताकत और भविष्य हैं।
टाटा स्टील के स्वयंसेवकों और जेडीसी सदस्यों ने संभाली कमान
इस सफल योग शिविर का संचालन टाटा स्टील के सक्रिय स्वयंसेवकों अजीत सिंह (पावर प्लांट), नीलकमल दास (सिविल विभाग) और हरेकृष्णा कौशल्या (पेलेट प्लांट) ने संयुक्त रूप से किया। कार्यक्रम में जेडीसी (JDC) सदस्य भारव प्रमाणिक और सुजेन नायक भी अपने पूरे परिवार के साथ उपस्थित रहे और योगाभ्यास किया। उपस्थित सभी गणमान्य लोगों ने इस बात पर बल दिया कि योग के इस अमृत को समाज के हर एक घर तक पहुंचाने के लिए ऐसे सामूहिक प्रयासों की अत्यंत आवश्यकता है।
READ MORE :JAMSHEDPUR NEWS: NEET Re-Exam के लिए टाटानगर-राउरकेला स्पेशल ट्रेन शुरू, केंद्रों के बाहर लागू हुई धारा 163; घर से निकलने से पहले पढ़ें गाइडलाइंस
भविष्य में भी ऐसे शिविर लगाने की उठी मांग
टाटा स्टील फाउंडेशन के करीब 10 समर्पित स्वयंसेवकों के सक्रिय सहयोग से यह पूरा कार्यक्रम एक बेहद सकारात्मक और ऊर्जावान वातावरण में संपन्न हुआ। योग सत्र के समापन के बाद इसमें हिस्सा लेने वाले प्रतिभागियों ने टीएसएफ के इस आयोजन की जमकर सराहना की। युवाओं ने आयोजकों के समक्ष यह मांग रखी कि स्वास्थ्य और जागरूकता के ऐसे शिविरों को केवल ‘योग दिवस’ तक सीमित न रखकर, भविष्य में भी निरंतर आयोजित किया जाए ताकि क्षेत्र का युवा वर्ग नशामुक्त और तंदुरुस्त रहे।
(रिपोर्ट: मृत्युंजय बर्मन)


