
जमशेदपुर/चक्रधरपुर। दक्षिण पूर्व रेलवे के चक्रधरपुर मंडल में बीती रात रेलवे ट्रैक पर हाथी के आ जाने से करीब डेढ़ घंटे तक रेल परिचालन प्रभावित रहा। वन्यजीव की सुरक्षा और संभावित दुर्घटना को देखते हुए रेलवे ने BNDM A/CABIN (बंडामुंडा ए/केबिन) और BZR (बिसरा) के बीच अप, डाउन और थर्ड लाइन पर ट्रेनों का परिचालन रोक दिया।
रेलवे के अनुसार, ट्रैक के आसपास हाथी की मौजूदगी की सूचना मिलने के बाद रात 1:25 बजे तीनों लाइनों पर ट्रेनों का आवागमन रोक दिया गया। हाथी के सुरक्षित क्षेत्र से वापस चले जाने के बाद रात 2:57 बजे रेल परिचालन दोबारा शुरू किया गया।
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हाथी की सुरक्षा के लिए ट्रेनों की रफ्तार 30 KMPH
परिचालन बहाल होने के बाद भी रेलवे ने एहतियात के तौर पर इस रेलखंड में ट्रेनों की गति सीमा 30 किलोमीटर प्रति घंटा कर दी। वन क्षेत्र से गुजरने वाले इस हिस्से में हाथियों की आवाजाही को देखते हुए लोको पायलटों और परिचालन से जुड़े कर्मचारियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए।
रेलवे की ओर से यात्रियों की सुरक्षा के साथ वन्यजीव संरक्षण को भी प्राथमिकता देने की बात कही गई है।
10 एक्सप्रेस ट्रेनें हुईं लेट
परिचालन रोकने और बाद में 30 KMPH की गति सीमा लागू किए जाने का असर कई ट्रेनों पर पड़ा। चक्रधरपुर मंडल की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, निम्न एक्सप्रेस ट्रेनें निर्धारित समय से देरी से चलीं:
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एक नजर में प्रभावित ट्रेनें
- 12151 लोकमान्य तिलक टर्मिनस-शालीमार समरसता एक्सप्रेस — 110 मिनट
- 12129 पुणे-हावड़ा आजाद हिंद एक्सप्रेस — 122 मिनट
- 18190 एर्नाकुलम-टाटानगर एक्सप्रेस — 90 मिनट
- 13352 अलप्पुझा-धनबाद एक्सप्रेस — 49 मिनट
- 03254 चर्लपल्ली-पटना स्पेशल — 39 मिनट
- 12809 मुंबई-हावड़ा मेल — 56 मिनट
- 22170 संतरागाछी-रानी कमलापति हमसफर एक्सप्रेस — 39 मिनट
- 12130 हावड़ा-पुणे आजाद हिंद एक्सप्रेस — 56 मिनट
- 12810 हावड़ा-मुंबई मेल — 59 मिनट
- 12102 शालीमार-लोकमान्य तिलक टर्मिनस ज्ञानेश्वरी एक्सप्रेस — 62 मिनट
रेलवे ने यात्रियों से सहयोग की अपील की
चक्रधरपुर मंडल रेलवे ने यात्रियों से परिचालन में हुई देरी को लेकर सहयोग की अपील की है। रेलवे के अनुसार, ट्रैक पर हाथी की मौजूदगी की स्थिति में ट्रेनों को रोकना और गति सीमा कम करना सुरक्षा की दृष्टि से आवश्यक कदम है।
रेलवे प्रशासन ने स्पष्ट किया कि यात्रियों की सुरक्षा और वन्यजीवों का संरक्षण सर्वोच्च प्राथमिकता है। हाथियों की आवाजाही वाले रेलखंडों में ऐसी घटनाओं को देखते हुए परिचालन के दौरान विशेष सतर्कता बरती जा रही है।

