
सरायकेला-खरसावां: औद्योगिक प्रतिष्ठानों के बाहर मुख्य सड़कों और राजमार्गों पर भारी वाहनों की अवैध पार्किंग से लगने वाले भीषण जाम और सड़क हादसों पर जिला प्रशासन ने बेहद सख्त रुख अपनाया है। सरायकेला-खरसावां जिले के उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी ने जिले में अवस्थित सभी औद्योगिक प्रतिष्ठानों और कंपनियों के प्रबंधकों के लिए एक कड़ा आदेश (Order) जारी किया है।
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इन 6 प्रमुख मार्गों और स्थानों पर पार्किंग से लगता है जाम
प्रशासनिक आदेश के अनुसार, जिले के कई प्रमुख स्थानों पर वाहनों की लंबी कतारें लगने से यातायात का सुचारु संचालन बाधित होता है और हमेशा सड़क दुर्घटना की संभावना बनी रहती है। प्रशासन ने मुख्य रूप से इन स्थानों को चिह्नित किया है:
सरायकेला-काण्ड्रा मार्ग पर रामकृष्ण फोर्जिंग्स लिमिटेड (RKFL) के समीप एवं काण्ड्रा टॉल बूथ के पास।
काण्ड्रा-आदित्यपुर मार्ग पर संपूर्ण जियाडा (JIADA) क्षेत्र में।
काण्ड्रा-चौका मार्ग पर अमलगम कम्पनी के पास तथा चौका चौक के पास।
राष्ट्रीय राजमार्ग- 33 (NH-33) में पाटा टॉल एवं आसनबनी के पास।
राष्ट्रीय राजमार्ग- 18 (NH-18) अंतर्गत चांडिल-पुरुलिया मार्ग में भालूकोचा के पास एवं अन्य स्थानों पर।
राष्ट्रीय राजमार्ग- 220 (NH-220) अंतर्गत कूजू से छोटानागपुर कॉलेज, हेंसल तक यत्र-तत्र कई स्थानों पर।
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कंपनियों के लिए डीसी के 6 सख्त निर्देश
सड़क सुरक्षा और आम नागरिकों के सुरक्षित तथा निर्बाध आवागमन को दृष्टिगत रखते हुए डीसी ने सभी कंपनियों को 6 स्पष्ट निर्देश दिए हैं:
परिसर में हो पार्किंग: प्रतिष्ठान अपने भारी/छोटे वाहनों के लिए परिसर के अंदर अथवा निर्धारित पार्किंग स्थल पर पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करें।
नो पार्किंग: किसी भी परिस्थिति में मुख्य सड़क अथवा सार्वजनिक आवागमन वाले स्थान पर वाहनों को अनधिकृत रूप से पार्क नहीं होने दें।
होल्डिंग एरिया की व्यवस्था: प्रतिष्ठान में प्रवेश की प्रतीक्षा करने वाले वाहनों को भी मुख्य सड़क पर कतारबद्ध खड़ा न किया जाए; इसके लिए प्रबंधन द्वारा वैकल्पिक पार्किंग/होल्डिंग एरिया की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
सुरक्षा कर्मियों की तैनाती: वाहनों के सुव्यवस्थित प्रवेश एवं निकास हेतु आवश्यकतानुसार सुरक्षा कर्मियों/यातायात प्रबंधन कर्मियों की प्रतिनियुक्ति की जाए।
सीधी कार्रवाई: किसी प्रतिष्ठान के बाहर बार-बार अनधिकृत पार्किंग होने, यातायात बाधित होने या सड़क दुर्घटना होने की स्थिति में संबंधित प्रतिष्ठान/प्रबंधन की जवाबदेही निर्धारित करते हुए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
ट्रांसपोर्टर का बहाना नहीं चलेगा: कंपनी प्रबंधन अक्सर ट्रांसपोर्टर पर जिम्मेदारी थोप देते हैं। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि अनुपालन न होने पर मुख्य रूप से सारी जिम्मेदारी संबंधित कंपनी की ही मानी जाएगी।
प्रशासन ने सभी प्रबंधकों को इन निर्देशों का तत्काल प्रभाव से दृढ़ता पूर्वक अनुपालन सुनिश्चित करने का आदेश दिया है।

