
राँची: झारखण्ड में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे लाखों युवाओं के लिए एक बेहद अहम और बड़ी खबर सामने आई है। झारखण्ड सरकार के कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग ने 18 अगस्त 2026 को एक सख्त कदम उठाते हुए JPSC (झारखंड लोक सेवा आयोग) और JSSC (झारखंड कर्मचारी चयन आयोग) की दर्जनों वर्तमान व पूर्व परीक्षाओं को रद्द और स्थगित करने का आदेश जारी किया है। सरकार ने यह ऐतिहासिक निर्णय परीक्षाओं में TDPL नामक एजेंसी की संलिप्तता, संभावित अनियमितताओं को लेकर CID (अपराध अनुसंधान विभाग) और SIT (विशेष जांच दल) की ओर से प्रस्तुत किए गए जांच तथ्यों की पृष्ठभूमि में लिया है। सरकार के सचिव प्रवीण कुमार टोप्पो के हस्ताक्षर से इस संबंध में कई अलग-अलग अधिसूचनाएं जारी की गई हैं।


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SSC CGL 2023 और JPSC की दर्जनों परीक्षाएं हुईं रद्द
राज्य सरकार द्वारा जारी की गई अधिसूचनाओं के अनुसार, जिन परीक्षाओं को तत्काल प्रभाव से रद्द किया गया है, उनमें सबसे प्रमुख नाम JSSC CGL का है।
JSSC CGL रद्द: अधिसूचना संख्या 5408 के अनुसार, झारखण्ड कर्मचारी चयन आयोग के CGL (Advt. No. 10/2023) परीक्षा में अनियमितता की शिकायत पर गठित SIT की जांच के तथ्यों को देखते हुए इस परीक्षा को पूरी तरह रद्द कर दिया गया है।
JPSC की वर्तमान परीक्षाएं रद्द: अधिसूचना संख्या 5402, 5403, 5404 और 5407 के अनुसार, JPSC द्वारा आयोजित और TDPL एजेंसी के माध्यम से संपादित कई परीक्षाओं को रद्द कर दिया गया है। इनमें झारखण्ड संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा (JCCSE) 2025, सिविल जज (जूनियर डिवीजन) 2023, CDPO 2023, फूड सेफ्टी ऑफिसर 2023, और झारखण्ड एलिजिबिलिटी टेस्ट (JET 2024) समेत विभिन्न विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में प्रोफेसर, लेक्चरर व गैर-शैक्षणिक पदों की नियुक्तियां शामिल हैं।
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6 परीक्षाएं स्थगित, 5वीं JPSC समेत 17 पुराने मामलों की CID जांच शुरू
सरकार ने न केवल वर्तमान बल्कि पूर्व की परीक्षाओं को लेकर भी सख्ती दिखाई है:
स्थगित परीक्षाएं: अधिसूचना 5405 के मुताबिक, फूड एनालिस्ट, प्रोजेक्ट मैनेजर, डिप्टी डायरेक्टर (प्रोसिक्यूशन) और इंस्पेक्टर ऑफ फैक्ट्रीज जैसी 6 परीक्षाओं से जुड़ी एजेंसी के ‘क्रेडेंशियल्स’ की जांच CID को सौंपी गई है। अगले आदेश तक इन परीक्षाओं के कार्य को स्थगित रखा गया है।
पुराने मामलों की जांच: अधिसूचना 5406 के तहत, वर्ष 2013 से लेकर 2022 तक की 17 पूर्व JPSC परीक्षाओं में संभावित धांधली की जांच CID से कराने का निर्णय लिया गया है। इनमें 5वीं JPSC (2013), सिविल जज 2015, असिस्टेंट इंजीनियर 2019 और संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा 2021 जैसी बड़ी परीक्षाएं शामिल हैं।
सिस्टम सुधारने के लिए सरकार के 3 बड़े ‘नीतिगत फैसले’
परीक्षाओं में पारदर्शिता लाने और दोषियों को सजा दिलाने के लिए राज्य मंत्रिपरिषद ने अधिसूचना 5409 के माध्यम से तीन बड़े फैसले लिए हैं:
फास्ट ट्रैक कोर्ट (Fast Track Court): JPSC और JSSC में अनियमितता और कदाचार को लेकर दर्ज मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए माननीय उच्च न्यायालय (High Court) से ‘फास्ट ट्रैक कोर्ट’ के गठन का अनुरोध किया जाएगा।
आंतरिक निगरानी प्रकोष्ठ: भविष्य में गड़बड़ियों को रोकने के लिए JPSC और JSSC में एक ‘आंतरिक निगरानी प्रकोष्ठ’ (Internal Vigilance Cell) का गठन किया जाएगा।
अमिताभ कौशल कमिटी: JPSC/JSSC में परीक्षा सुधार (Exam Reforms) पर व्यापक अध्ययन के लिए IAS अधिकारी श्री अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में एक उच्च-स्तरीय समिति बनाई गई है। इस समिति में प्रतिष्ठित संस्थानों के निदेशक भी सदस्य के रूप में शामिल होंगे। यह समिति अगले दो महीने में अपनी विस्तृत रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपेगी।



