
’जार एक्सरसाइज’ और ‘क्वाइट टाइम’ से विद्यार्थियों ने समझा जीवन का असली मूल्य
जमशेदपुर.
केपीएस, कदमा में चल रहे ‘लेट्स मेक ए डिफरेंस’ के 26वें जमशेदपुर यूथ कॉन्फ्रेंस 2026 के तीसरे दिन का कार्यक्रम आत्मचिंतन, रिश्तों की गहराई और जीवन की सीख पर केंद्रित रहा. दिन की शुरुआत कॉन्फ्रेंस डायरेक्टर विरल मजूमदार द्वारा संचालित एक बेहद प्रभावशाली और भावनात्मक सत्र से हुई. उन्होंने विद्यार्थियों को ‘जार एक्सरसाइज’ (Jar Exercise) के माध्यम से जीवन, आदतों, व्यवहार और रिश्तों का संतुलन समझाया.
विरल मजूमदार ने जार का उदाहरण देते हुए कहा कि हमारे जीवन में सबसे महत्वपूर्ण चीजें क्या हैं और हम अपने समय व ऊर्जा का उपयोग कैसे करते हैं, यह समझना जरूरी है. उन्होंने कहा, “मेरे लिए जीवन की सबसे बड़ी संपत्ति मेरे रिश्ते और जीवन के सफर में मिली सीख है.” इसके बाद विद्यार्थियों ने छोटे-छोटे समूहों में ‘क्वाइट टाइम’ (Quiet Time) के दौरान ईमानदारी, निःस्वार्थ भाव, पवित्रता और प्रेम के चार मूल स्तंभों के आधार पर आत्मचिंतन किया.
’द लेटर आई नेवर सेंट’: अप्रकट भावनाओं को मिला शब्द रूप
नाश्ते के बाद पिछले दिन की गतिविधियों की समीक्षा की गई. इसके बाद श्रद्धा अग्रवाल ने रिश्तों पर आधारित विशेष सत्र की शुरुआत की, जिसमें उन्होंने अपने जीवन का व्यक्तिगत अनुभव साझा किया. मौन और आत्मचिंतन के बाद विद्यार्थियों ने भी अपने महत्वपूर्ण रिश्तों को लेकर भावनात्मक विचार रखे. दोपहर के भोजन का आयोजन भी मौन में ही किया गया.
सत्र के अगले चरण में विद्यार्थियों के लिए ‘द लेटर आई नेवर सेंट’ (The Letter I Never Sent) नामक विशेष गतिविधि का आयोजन हुआ. इसमें विद्यार्थियों ने उन परिजनों के नाम पत्र लिखे जो अब उनके साथ नहीं हैं, या जिनसे वे अपने मन की बात नहीं कह पाए थे. इस गतिविधि का मुख्य उद्देश्य मन में दबी भावनाओं को बाहर निकालना, पुरानी बातों से आगे बढ़ना और मानसिक शांति प्राप्त करना था. इसके पश्चात विद्यार्थियों ने अपनी नकारात्मक आदतों और भावनाओं को पर्चियों पर लिखकर प्रतीकात्मक रूप से जलाया, जो जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का संदेश देता है.
सामूहिक प्रयास और समर्पित टीम का योगदान
दिन के अंतिम भाग में एक व्यक्तिगत समूह चर्चा का आयोजन किया गया, जिसमें युवाओं ने परिवार से जुड़ी चुनौतियों और अनुभवों को खुलकर साझा किया. इस प्रकार कॉन्फ्रेंस का तीसरा दिन रिश्तों की समझ और आत्मचिंतन का एक अनूठा माध्यम बना.
इस कॉन्फ्रेंस के सफल आयोजन और संचालन में राजीव अग्रवाल, श्रद्धा अग्रवाल, भीषम, सोनू, विजय राणे और भार्गवी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. इसके अलावा स्थानीय टीम के संगीता सरकार, सुमन, सायक, कौशिक, निशांत, पी. विद्या, विद्याश्री, आर्यन, जीत, शिवांगी, बिपाशा, महिका, हुज़ैफा, शीतल, दानिश, सोमेय, प्रभजोत, सोनाक्षी और अपराजिता ने पूर्ण समर्पण के साथ योगदान दिया. सभी के सामूहिक प्रयासों से यह आयोजन विद्यार्थियों के लिए अत्यंत प्रेरणादायक साबित हो रहा है.


