
जमशेदपुर: कोल्हान क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश ने जमशेदपुर की रफ्तार थाम दी है। लगातार बारिश के कारण शहर के निचले इलाकों (Low-lying Areas), नदी-नालों के आसपास और प्रमुख सड़कों पर गंभीर जलभराव (Waterlogging) और संभावित बाढ़ (Flood Threat) की स्थिति उत्पन्न हो गई है। हालात की गंभीरता को देखते हुए जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति (JNAC) ने मंगलवार (18 अगस्त 2026) से व्यापक ‘आपदा प्रबंधन एवं रेस्क्यू अभियान’ (Disaster Management & Rescue Operation) छेड़ दिया है। नगर आयुक्त के सीधे निर्देशन में सफाई कर्मियों, अभियंताओं और रेस्क्यू टीमों को अलर्ट मोड (Alert Mode) में रखा गया है और वे लगातार जलभराव वाले इलाकों में राहत कार्य सुनिश्चित कर रहे हैं।


नगर आयुक्त खुद मोर्चे पर, पंप सेटों से निकाली जा रही राहत की राह
शहर के कई इलाके टापू में तब्दील हो गए हैं, जिसे देखते हुए पूरा प्रशासनिक अमला सड़कों पर उतर गया है।
रेस्क्यू और मॉनिटरिंग: भारी बारिश के दौरान निचले और संवेदनशील इलाकों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। नगर आयुक्त के नेतृत्व में सभी विशेष पदाधिकारी, लेखा पदाधिकारी और नगर प्रबंधक (City Managers) प्रभावित क्षेत्रों में खुद उपस्थित रहकर राहत कार्यों का जायजा ले रहे हैं।
मशीनों का इस्तेमाल: जल निकासी (Drainage) को सुचारू बनाने के लिए नगर निकाय की टीमों द्वारा पंप सेट और ‘डी-वॉटरिंग’ मशीनों (De-watering Machines) का इस्तेमाल किया जा रहा है।
अवरोध हटाना: जलभराव की सबसे बड़ी वजह बनी नालियों और मुख्य जल निकासी मार्गों में फंसी गंदगी (कचरा/प्लास्टिक) को तत्काल प्रभाव से हटाया जा रहा है ताकि वर्षा जल का प्रवाह बिना किसी रुकावट के हो सके।
JNAC की आम जनता से अपील: “सुरक्षित रहें, नालियों में कचरा न डालें”
नगर प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नागरिकों की सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। JNAC ने आपात स्थिति से निपटने के लिए शहरवासियों से प्रशासन का सहयोग करने की विशेष अपील की है:
भारी वर्षा के दौरान अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें।
जलभराव वाले स्थानों एवं तेज बहाव वाले नदी-नालों से पूरी तरह दूरी बनाए रखें।
किसी भी आपात स्थिति या जलभराव होने पर प्रशासन एवं नगर निकाय की टीम को तत्काल सूचना दें।
सबसे अहम: नागरिकों से अपील की गई है कि वे नालियों में कचरा (Garbage) बिल्कुल न डालें, क्योंकि इससे जल निकासी बाधित होती है और जलभराव का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
स्थिति से निपटने के लिए सभी सफाई कर्मियों, सुपरवाइजरों, अभियंताओं और वाहन चालकों को 24×7 अलर्ट मोड में रखा गया है, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।




