जमशेदपुर: जमशेदपुर महिला विश्वविद्यालय में आयकर विभाग की ओर से सतर्कता जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। विश्वविद्यालय के वाणिज्य विभाग में हुए इस कार्यक्रम में छात्राओं को ईमानदारी, पारदर्शिता, नैतिक मूल्यों और भ्रष्टाचार की रोकथाम के प्रति जागरूक किया गया। इस दौरान आयकर विभाग की कार्यप्रणाली और केंद्रीय सतर्कता आयोग की भूमिका की भी जानकारी दी गई।
कार्यक्रम का आयोजन कुलपति प्रोफेसर इला कुमार के मार्गदर्शन तथा जमशेदपुर के मुख्य आयकर आयुक्त सलिल मिश्रा के दिशा-निर्देशन में किया गया। दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई। वाणिज्य विभाग की डीन डॉ. दीपा सरन ने स्वागत भाषण दिया और सतर्कता जागरूकता के महत्व पर प्रकाश डाला।
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आयकर अधिकारियों ने समझाई सतर्कता व्यवस्था
कार्यक्रम में आयकर उपायुक्त आशीष कुमार, आयकर अधिकारी सत्येन्द्र कुमार, प्रवीण कुमार चौहान और आयकर निरीक्षक विपिन कुमार सिंह ने छात्राओं को संबोधित किया।
आयकर अधिकारी सत्येन्द्र कुमार ने आयकर विभाग की कार्यप्रणाली, सतर्कता के महत्व, केंद्रीय सतर्कता आयोग (CVC) के गठन और मुख्य सतर्कता अधिकारी (CVO) की भूमिका के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने भ्रष्टाचार पर नियंत्रण के लिए अपनाए जाने वाले उपायों को भी समझाया।
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छात्राओं ने ली सतर्कता की शपथ, क्विज में लिया हिस्सा
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित अधिकारियों, शिक्षकों और छात्राओं ने सतर्कता जागरूकता की शपथ ली। सभी ने अपने कार्यों में ईमानदारी, पारदर्शिता और नैतिक मूल्यों का पालन करने का संकल्प लिया।
इसके बाद प्रवीण कुमार चौहान ने प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता आयोजित की। इसमें छात्राओं ने उत्साह के साथ भाग लिया। प्रतियोगिता के विजेताओं को आयकर उपायुक्त आशीष कुमार (IRS) ने पुरस्कार देकर सम्मानित किया।
कार्यक्रम के अंत में आयकर निरीक्षक विपिन कुमार सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन किया। आयोजन को सफल बनाने में वाणिज्य विभाग की डीन डॉ. दीपा सरन, विभागाध्यक्ष डॉ. ग्लोरिया पूर्ति, डॉ. कामिनी कुमारी, डॉ. छगनलाल अग्रवाल और जयन्ती प्रधान की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
कार्यक्रम के माध्यम से छात्राओं को सतर्कता और जवाबदेही के महत्व से अवगत कराया गया। साथ ही भ्रष्टाचार मुक्त समाज के निर्माण में प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी को रेखांकित किया गया।


