
जमशेदपुर । टाटानगर में रेलवे यात्रियों की सुरक्षा को लेकर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) को बड़ी सफलता मिली है। 15 मार्च 2026 को आरपीएफ उड़नदस्ता दल चक्रधरपुर मंडल और आरपीएफ पोस्ट टाटानगर की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए एक मोबाइल चोर को चोरी के मोबाइल के साथ गिरफ्तार किया।यह कार्रवाई रेलवे सुरक्षा बल द्वारा चलाए जा रहे ऑपरेशन ‘यात्री सुरक्षा’ के तहत की गई।
read more :Adtyapur News :आदित्यपुर रेलवे स्टेशन होगा टर्मिनल, प्लेटफॉर्म शेड, लिफ्ट और फूड कोर्ट की तैयारी
आरोपी की पहचान और गिरफ्तारी
गिरफ्तार आरोपी की पहचान देवेंद्र सिंह उर्फ गांधी के रूप में हुई है, जो जमशेदपुर के बागबेड़ा क्षेत्र का रहने वाला बताया जा रहा है। आरपीएफ को पिछले कुछ समय से रेलवे स्टेशन और ट्रेनों में मोबाइल चोरी की घटनाओं की लगातार शिकायतें मिल रही थीं।
इसी को देखते हुए आरपीएफ द्वारा स्टेशन परिसर और आसपास के क्षेत्रों में संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखी जा रही थी।
तलाशी में बरामद हुआ चोरी का मोबाइल
सूत्रों के अनुसार आरपीएफ उड़नदस्ता दल और आरपीएफ पोस्ट टाटानगर की टीम स्टेशन परिसर में गश्त कर रही थी। इसी दौरान टीम को एक संदिग्ध व्यक्ति दिखाई दिया।
टीम ने उसे रोककर पूछताछ की और तलाशी ली। तलाशी के दौरान उसके पास से एक मोबाइल फोन बरामद हुआ। जब उससे मोबाइल के बारे में पूछताछ की गई तो वह कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। जांच में पता चला कि मोबाइल चोरी का है, जिसके बाद उसे तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया।
आरोपी का आपराधिक इतिहास
पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना नाम देवेंद्र सिंह उर्फ गांधी बताया और यह भी स्वीकार किया कि वह पहले भी चोरी और लूट की घटनाओं में शामिल रहा है।
आरपीएफ अधिकारियों के अनुसार उसका आपराधिक इतिहास भी रहा है। वह रेल थाना टाटानगर से चोरी और लूट के मामलों में तीन बार जेल जा चुका है। इसके अलावा बागबेड़ा थाना क्षेत्र में दर्ज लूट के एक मामले में भी वह पहले जेल की सजा काट चुका है।
यात्रियों से सतर्क रहने की अपील
आरपीएफ अधिकारियों ने बताया कि ऑपरेशन ‘यात्री सुरक्षा’ का उद्देश्य रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और चोरी, लूट जैसी घटनाओं पर अंकुश लगाना है।
रेलवे सुरक्षा बल ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा के दौरान अपने मोबाइल और सामान की सुरक्षा को लेकर सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत आरपीएफ या रेलवे पुलिस को दें।
अधिकारियों ने यह भी कहा कि यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए ऐसे अभियान आगे भी लगातार चलाए जाते रहेंगे।



