जमशेदपुर।
जोनल रेलवे प्रशिक्षण संस्थान सीनी में टाटानगर रेल सिविल डिफेंस की ओर से ऑपरेटिंग विभाग के कर्मचारियों के लिए आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण में रेलकर्मियों को आपदा के समय राहत और बचाव कार्यों की महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।
कार्यक्रम के दौरान कर्मचारियों को पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से फायर सर्विस, इमरजेंसी रेस्क्यू और बेसिक लाइफ सपोर्ट से जुड़ी तकनीकों की जानकारी दी गई। इसके साथ ही मॉक ड्रिल के जरिए उन्हें व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया, ताकि आपात स्थिति में वे तुरंत और प्रभावी ढंग से कार्रवाई कर सकें।
आपदा के समय प्रशिक्षण की अहम भूमिका
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान सिविल डिफेंस इंस्पेक्टर और राष्ट्रपति पदक से सम्मानित सदस्य संतोष कुमार ने कहा कि भारत विश्व के उन देशों में शामिल है जो आपदाओं से अधिक प्रभावित होते हैं। उन्होंने बताया कि आपदाओं के मामले में भारत दुनिया में तीसरे स्थान पर है।
उन्होंने कहा कि चाहे आपदा प्राकृतिक हो या मानव निर्मित, दोनों ही स्थितियों में जान-माल की भारी क्षति होती है। ऐसे में आपदा प्रबंधन से संबंधित सही प्रशिक्षण और कौशल नुकसान को कम करने में अहम भूमिका निभाता है।
गोल्डन आवर में सही कदम से बच सकती है जान
संतोष कुमार ने बताया कि किसी भी दुर्घटना के बाद घटनास्थल पर अक्सर संसाधनों की कमी होती है। कई बार वहां बेहोश, घायल, रक्तस्राव या हड्डी टूटने की स्थिति में लोग पड़े होते हैं।
ऐसी परिस्थिति में ट्राइएज प्रणाली के तहत सबसे पहले गंभीर रूप से घायल और बेहोश लोगों को प्राथमिक उपचार देना जरूरी होता है। इसके बाद उन्हें जल्द से जल्द एंबुलेंस के माध्यम से अस्पताल पहुंचाना चाहिए। इस प्रक्रिया को “गोल्डन आवर” कहा जाता है, जिसमें सही समय पर की गई कार्रवाई कई लोगों की जान बचा सकती है।
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सीपीआर और फायर सेफ्टी की मॉक ड्रिल
प्रशिक्षण के दूसरे सत्र में डेमोंस्ट्रेटर शंकर कुमार प्रसाद ने रेलकर्मियों को सीपीआर (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन) की प्रक्रिया का अभ्यास कराया। साथ ही फायर सेफ्टी उपकरणों की जांच अवधि और उनके सही उपयोग के बारे में भी जानकारी दी गई।
इसके अलावा कंबल, रस्सी और बोरे की मदद से अस्थायी स्ट्रेचर तैयार करने की विधि भी सिखाई गई, ताकि आपात स्थिति में घायल व्यक्ति को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया जा सके।
200 रेलकर्मियों ने लिया प्रशिक्षण
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में ईस्ट कोस्ट रेलवे, साउथ ईस्टर्न रेलवे और साउथ सेंट्रल रेलवे के करीब 200 रेलकर्मियों ने हिस्सा लिया। इनमें रिफ्रेशर स्टेशन मैनेजर, रिफ्रेशर ट्रेन मैनेजर, टावर वैगन ड्राइवर और सहायक लोको पायलट शामिल थे।
कार्यक्रम के अंत में मुख्य अनुदेशक संतोष कुमार ने सिविल डिफेंस द्वारा आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम की सराहना की और इसके लिए सभी को धन्यवाद दिया।




