
जमशेदपुर।


सार्वजनीन दुर्गा पूजा कमिटी टुइलाडूंगरी द्वारा तैयार किया गया भव्य पूजा पंडाल इस वर्ष हर दृष्टि से आकर्षण का केंद्र बना है। महासचिव दिनेश कुमार ने बताया कि पंडाल का निर्माण झारखंड के जंगलों में पाए जाने वाली प्राकृतिक सामग्रियों, जैसे पेड़ की छाल, रस्सी, टोकरी, नारियल का छिलका व धान से किया गया है। इन सभी चीज़ों की बारीकी का काम बंगाल से आए कारीगरों ने किया है। इस बार पंडाल के प्रवेश द्वार पर दो विशाल हाथों की आकृति बनाई गई है, जो इसकी शोभा बढ़ा रही है। पंडाल पूरी तरह से आदिवासी संस्कृति और परंपरा को दर्शा रहा है, साथ ही जंगल संरक्षण का संदेश भी दे रहा है।
पंडाल में मां दुर्गा की प्रतिमा भव्य एवं भावपूर्ण रूप में स्थापित की गई है, जिसमें माता शेर पर विराजमान हैं और शेर की आकृति को विशेष रूप से विशाल और जीवंत बनाया गया है। परिसर को आकर्षक विद्युत सज्जा से सजाया गया है। परिसर में मेला, विभिन्न झूले और बच्चों के मनोरंजन की व्यवस्थाएं हैं।
1998 से ही यह पूजा भव्य रूप ले चुकी है और आज जमशेदपुर की प्रमुख सार्वजनिक पूजा में शुमार है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा हेतु पूरे परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, और स्वयंसेवकों को पहचान बैच दिए जा रहे हैं ताकि किसी को कोई असुविधा न हो।
पंडाल का उद्घाटन 26 सितम्बर को संध्या 8 बजे राज्य के परिवहन मंत्री दीपक बिरुवा द्वारा किया जाएगा। मुख्य संरक्षक राजू गिरी, अध्यक्ष मिथिलेश सिंह यादव, महासचिव दिनेश कुमार समेत अन्य सभी पदाधिकारियों का पूजा की तैयारियों में महत्वपूर्ण योगदान रहा है
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