जमशेदपुर। झारखंड में कुष्ठ रोग उन्मूलन अभियान को प्रभावी बनाने और मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से रांची के नामकुम स्थित आईपीएच सभागार में दो दिवसीय कुष्ठ रोग प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम के तहत राज्य कुष्ठ निवारण कार्यालय एवं डेमियन फाउंडेशन इंडिया ट्रस्ट के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस प्रशिक्षण में जिला कुष्ठ निवारण पदाधिकारी, नोडल कुष्ठ चिकित्सा पदाधिकारी, कुष्ठ परामर्शी और कायचिकित्सकों ने हिस्सा लिया।
प्रशिक्षण के दौरान कुष्ठ रोग की पहचान, लक्षण, विभिन्न प्रकार, उपचार, दिव्यांगता की रोकथाम और चिकित्सीय पुनर्वास से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं।
कुष्ठ रोग की समय पर पहचान और उपचार जरूरी
प्रशिक्षण के पहले दिन डेमियन फाउंडेशन के कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. एम. शिव कुमार (चेन्नई) एवं राज्य समन्वयक डॉ. गौतम कुमार ने प्रशिक्षक के रूप में प्रतिभागियों को संबोधित किया। उन्होंने कुष्ठ रोग के लक्षणों, प्रकारों, उपचार पद्धतियों और मरीजों में दिव्यांगता रोकने के उपायों पर विस्तार से जानकारी दी।
इस अवसर पर राज्य कुष्ठ निवारण पदाधिकारी डॉ. श्याम सुंदर पासवान ने कहा कि कुष्ठ रोग के उन्मूलन के लिए सभी संबंधित स्वास्थ्यकर्मियों को धरातल पर ईमानदारी और निष्ठापूर्वक अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी।
उन्होंने बताया कि कुष्ठ रोग की समय पर पहचान और उपचार के साथ मरीजों में होने वाले रिएक्शन तथा न्यूराइटिस का सही प्रबंधन किया जाए तो दिव्यांगता से बचाव संभव है।
रिएक्शन मैनेजमेंट और रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी पर जोर
प्रशिक्षक डॉ. एम. शिव कुमार ने कुष्ठ मरीजों में होने वाले रिएक्शन के प्रबंधन की विस्तृत जानकारी दी। इसके साथ ही रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी, सेल्फ केयर और सेकेंडरी लेवल रेफरल सेंटर की भूमिका पर भी प्रकाश डाला।
प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य स्वास्थ्यकर्मियों को कुष्ठ रोग से जुड़ी जटिलताओं की पहचान करने, समय पर उपचार उपलब्ध कराने और मरीजों को दिव्यांगता से बचाने के लिए सक्षम बनाना रहा।
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पूर्वी सिंहभूम से तीन स्वास्थ्यकर्मियों ने लिया प्रशिक्षण
इस दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में पूर्वी सिंहभूम जिले की ओर से जिला कुष्ठ परामर्शी डॉ. राजीव लोचन महतो, आयुष चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. प्रीति राय और कायचिकित्सक सालगे मार्डी ने भाग लिया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम को सफल बनाने में राज्य कुष्ठ निवारण कार्यालय के वित्तीय एवं प्रशासनिक पदाधिकारी रंजीत रंजन पाठक, असीत कुमार, मनीष कुमार तथा डेमियन फाउंडेशन की पूरी टीम का महत्वपूर्ण योगदान रहा।


