
जमशेदपुर:

गोलमुरी स्थित मिथिला सांस्कृतिक परिषद परिसर में रविवार को संस्था की वार्षिक आमसभा का भव्य आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण बैठक में परिषद के कुल 356 आजीवन सदस्यों ने हिस्सा लेकर संगठन की प्रगति और भविष्य की रूपरेखा पर गहन विचार-विमर्श किया। आमसभा में सर्वसम्मति से संगठन हित में कई बड़े फैसले लिए गए और वर्तमान कमेटी का कार्यकाल पूरा होने पर उसे भंग कर दिया गया।
महाकवि विद्यापति को पुष्पांजलि के साथ शुभारंभ
कार्यक्रम की शुरुआत परिषद के अध्यक्ष मोहन ठाकुर, महासचिव धर्मेश कुमार झा, कोषाध्यक्ष रंजीत कुमार झा और पूर्व अध्यक्ष जीवछ झा व लक्ष्मण झा द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर की गई। इस अवसर पर सुजीत झा, प्रमोद मिश्र, रविंद्र चौधरी, पंकज झा और विपिन झा सहित सभी कार्यकारिणी सदस्य एवं गणमान्य उपस्थित रहे। सभी ने महाकवि विद्यापति के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। पंडित विपिन झा ने पवित्र स्वास्तिक वाचन किया और शंकर झा ने सुमधुर भगवती वंदना प्रस्तुत की। मंच संचालन का दायित्व सिदगोड़ा के राजेश कुमार झा ने संभाला, जबकि वैधानिक कार्यवाही का लेखन कार्य आदित्यपुर के गोपाल चंद्र झा द्वारा संपन्न किया गया।
वार्षिक प्रतिवेदन और तीन महत्वपूर्ण प्रस्ताव स्वीकृत
सहायक महासचिव शिव चंद्र झा ने सभी आगंतुक आजीवन सदस्यों का स्वागत किया। इसके बाद पिछले वर्ष (2025) में आयोजित आमसभा की कार्यवाही का विवरण सहायक महासचिव राजेंद्र कुमार कर्ण द्वारा सदन के पटल पर रखा गया, जिसे उपस्थित सदस्यों ने ताली बजाकर सर्वसम्मति से संपुष्ट कर दिया। इसके बाद अध्यक्ष मोहन ठाकुर ने अध्यक्षीय उद्बोधन दिया और महासचिव धर्मेश कुमार झा ने वर्ष भर के कार्यों का वार्षिक प्रतिवेदन पढ़ा।
इस आमसभा के दौरान पंकज राय द्वारा तीन महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखे गए, जिन्हें सदन ने सर्वसम्मति से स्वीकार (स्वीकृत) कर लिया:
पहला प्रस्ताव: अध्यक्ष और महासचिव आपातकालीन स्थितियों में 50,000 रुपये तक की राशि खर्च कर सकते हैं, जिसे बाद में कार्यकारिणी से अनुमोदित कराना होगा।
दूसरा प्रस्ताव: परिषद की मजबूती के लिए कार्यकारिणी का कार्यकाल 2 वर्ष से बढ़ाकर 3 वर्ष कर दिया गया है।
तीसरा प्रस्ताव: नया नामांकन शुल्क 1100 रुपये से बढ़ाकर 1500 रुपये करने का था, जिसे भी आमसभा ने अपनी मंजूरी दे दी। इसके बाद कोषाध्यक्ष रंजीत कुमार झा द्वारा प्रस्तुत वार्षिक लेखा-जोखा प्रतिवेदन को सदन ने सर्वसम्मति से पारित किया।
कार्यकारिणी भंग, 2 अगस्त को मतदान की घोषणा
संस्था के विकास हेतु आजीवन सदस्यों से कई रचनात्मक सुझाव प्राप्त हुए, जिन पर आने वाली कमेटी विचार करेगी। अंत में, अध्यक्ष मोहन ठाकुर ने अपना द्विवर्षीय कार्यकाल सफलतापूर्वक पूरा होने पर वर्तमान कार्यकारिणी को भंग करने की वैधानिक घोषणा की। चुनाव को पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने के लिए अशोक झा अविचल, सरोज कांत झा और दीपक कुमार झा को चुनाव पर्यवेक्षक नामित किया गया। मुख्य चुनाव पर्यवेक्षक अशोक झा अविचल ने बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि मिथिला सांस्कृतिक परिषद के सत्र 2026-29 हेतु नई कार्यकारिणी का चुनाव 02 अगस्त 2026 को कराया जाएगा। चुनाव से जुड़ी विस्तृत जानकारी बाद में साझा की जाएगी। अंत में उपाध्यक्ष आकाश चंद्र मिश्र के धन्यवाद ज्ञापन के साथ आमसभा की समाप्ति हुई।
इन सदस्यों की रही सराहनीय भूमिका
इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में गोलमुरी से कैलाश झा व विलास झा; सिदगोड़ा से धर्मेश कुमार झा, राजेश कुमार झा, दिलीप कुमार झा; आदित्यपुर से ललन चौधरी, गोपाल चन्द्र झा, अनिल कुमार झा, पंकज कुमार राय, अमितेश इस्सर; बारीडीह से राजेन्द्र कुमार कर्ण, चन्द्र भाल झा, प्रमोद कुमार दास; जेमको से राजेश कुमार झा व नवीन कुमार झा; बागबेड़ा से रणजीत झा, शिव चन्द्र झा, प्रमोद कुमार झा, संजीव कुमार झा, विवेकानंद झा; बिष्टुपुर से आकाश मिश्र, देवेंद्र झा; साकची से माला चौधरी, गोपाल जी चौधरी; सोनारी से अमर कुमार झा, विवेकानंद झा; कदमा से किशोर कुमार झा, शंकर नाथ झा, अमित चौधरी, अखिलेश झा; मानगो से मोहन ठाकुर, पं विपिन झा और गोविंदपुर से मिथिलेश कुमार झा सहित सभी कार्यकारिणी सदस्यों का विशेष सहयोग रहा।


