जमशेदपुर: झारखंड के औद्योगिक और आर्थिक विकास को नई दिशा देने के लिए सिंहभूम चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (SCCI) और फेडरेशन ऑफ झारखण्ड चैम्बर ऑफ कॉमर्स (FJCCI) ने एक ऐतिहासिक पहल की है। जमशेदपुर के चैम्बर भवन में आयोजित राज्य स्तरीय संगोष्ठी में 19 जिलों के प्रतिनिधि एक मंच पर जुटे। इस महामंथन में टाटा स्टील के उपाध्यक्ष (कॉर्पोरेट सर्विसेज) डी.बी. सुंदरा रामम ने राज्य के औद्योगिक विकास, स्वर्णरेखा प्रोजेक्ट, और धालभूमगढ़ एयरपोर्ट को लेकर एक दूरदर्शी विजन प्रस्तुत किया।
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धालभूमगढ़ एयरपोर्ट है भविष्य की असली जरूरत
डी.बी. सुंदरा रामम ने स्पष्ट किया कि जमशेदपुर के वर्तमान एयरपोर्ट से मुंबई, पुणे या बंगलुरु जैसी लंबी उड़ानें संभव नहीं हैं। अगले 40-50 वर्षों की औद्योगिक जरूरतों को पूरा करने के लिए केवल धालभूमगढ़ एयरपोर्ट ही एकमात्र विकल्प है। उन्होंने भोगापुरम इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उदाहरण देते हुए कहा कि मात्र 50,000 की आबादी वाले क्षेत्र में 4500 करोड़ का निवेश हो सकता है, तो धालभूमगढ़ क्यों नहीं? उन्होंने चैम्बर और उद्योग जगत से आह्वान किया कि एयरपोर्ट की त्वरित मंजूरी (Fast Approval) के लिए सभी मिलकर दिल्ली तक आवाज उठाएं।
टाटा रिन्यूएबल एनर्जी करेगी 10 हजार करोड़ का निवेश
उद्योग और निवेश के मोर्चे पर रामम ने बड़ी घोषणा करते हुए बताया कि ‘टाटा रिन्यूएबल एनर्जी’ जल्द ही उपकरणों के निर्माण में 10,000 करोड़ रुपये का भारी निवेश करने जा रही है। उन्होंने ओडिशा के गोपालपुर SEZ की सफलता का जिक्र करते हुए कहा कि वहां ग्रीन हाइड्रोजन और टाटा टी जैसे उद्योग स्थापित हो चुके हैं। झारखंड में रुकी हुई 13-14 खदानों (Mines) की नीलामी पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि इससे सरकार को रॉयल्टी और डिस्ट्रिक्ट मिनरल फंड (DMF) के रूप में बड़ा राजस्व मिलेगा, जिससे राज्य का इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत होगा।
बिहार और ओडिशा तक पहुंचेगा स्वर्णरेखा प्रोजेक्ट का लाभ
टाटा स्टील का विजन अब केवल झारखंड तक सीमित नहीं है। रामम ने ऐलान किया कि कोल्हान की तरह बिहार में भी काम करने के लिए उद्योग जगत तैयार है। ओडिशा सरकार के साथ चल रहे स्वर्णरेखा प्रोजेक्ट के पूरा होने पर इसका सीधा आर्थिक लाभ पूरे झारखंड और बिहार को मिलेगा।
19 जिलों के चैम्बर एकजुट, नीति निर्माण में मांगी भागीदारी
संगोष्ठी में सिंहभूम चैम्बर के अध्यक्ष मानव केडिया ने कहा कि अब सभी चैम्बर प्रतिस्पर्धी नहीं, बल्कि सहयोगी बनकर कार्य करेंगे। FJCCI के अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा ने अगले 10 वर्षों में 1000 नई औद्योगिक इकाइयों की स्थापना का लक्ष्य रखा। वहीं, विजय आनंद मूनका, अनिल मोदी, हर्ष बाकरेवाल, राजीव अग्रवाल और अभिषेक अग्रवाल ‘गोल्डी’ ने नीति निर्माण में व्यापारियों की भागीदारी, ऑटो कंपोनेंट्स, डिफेंस निर्माण और पर्यटन सर्किट विकसित करने की पुरजोर मांग उठाई। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में आईसीआईसीआई बैंक, बेबका टोयोटा, मेफेयर ग्रुप और दि हेरिटेज फूड का अहम योगदान रहा।
