
जमशेदपुर.


जमशेदपुर की महिला रचनाकारों के साहित्यिक समूह ‘फुरसत में’ की ओर से बसंत पंचमी एवं सरस्वती पूजा के पावन अवसर पर ऑनलाइन काव्य गोष्ठी ‘नमामि शारदे’ का आयोजन किया गया. इस साहित्यिक आयोजन का संयोजन समूह की अध्यक्ष पद्मा मिश्रा ने किया, जबकि मंच संचालन डॉ. मनीला कुमारी ने किया.
READ MORE :Jamshedpur News :सहारा काॅम्पलेक्स रामनगर के प्रांगण में श्रद्धा व उल्लास के साथ सरस्वती पूजा हुई संपन्न
कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं वंदना के साथ हुई. डॉ. मनीला कुमारी ने मां वाणी को ज्ञान, सृजन और कलाओं की अधिष्ठात्री बताते हुए उन्हें नमन किया. काव्य गोष्ठी की प्रथम प्रस्तुति बेंगलुरु से जुड़ीं पद्मा मिश्रा की रही, जिनकी रचना “तुम पारस मैं अयस अपावन…” ने सृजन और ज्ञान के भाव को सशक्त रूप से अभिव्यक्त किया.
सरित किशोरी श्रीवास्तव ने मां शारदे से करुणा, विवेक और सेवा की शक्ति प्रदान करने की कामना करते हुए भावपूर्ण कविता प्रस्तुत की. आनंद बाला शर्मा ने हाइकु कविता के माध्यम से बसंत के समान प्रेम और स्नेह बरसाने का संदेश दिया. पटना से जुड़ीं किरण सिन्हा ने मां सरस्वती की स्तुति में अपनी रचना प्रस्तुत कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया.
लोकगायिका वीणा पाण्डेय भारती ने अपनी भावपूर्ण वंदना से पूरे परिवेश को संगीतमय कर दिया. मीनाक्षी कर्ण ने हंसवाहिनी मां शारदे से अज्ञान का नाश कर निर्मल ज्ञान ज्योति प्रदान करने की प्रार्थना की.
छंद रचना में निपुण आरती श्रीवास्तव की कविता ने श्रोताओं को भाव प्रवाह में बहा लिया. मथुरा से जुड़ीं इंदिरा पाण्डेय ने भी मां सरस्वती की स्तुति में अपनी रचना प्रस्तुत की.
मंच संचालक डॉ. मनीला कुमारी ने दोहा छंद के माध्यम से ज्ञान प्रकाश की कामना व्यक्त की. वहीं सुमधुर गायिका सुधा अग्रवाल ने गीत प्रस्तुति से काव्य गोष्ठी को विशेष ऊंचाई प्रदान की.
इस ऑनलाइन काव्य गोष्ठी में सरिता सिंह, छाया प्रसाद, उमा सिंह, गीता दुबे, रेणुबाला मिश्र सहित कई साहित्य प्रेमियों की गरिमामयी उपस्थिति रही. काव्य पाठ करने वाली सभी रचनाकारों को सम्मान पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया.
कार्यक्रम ने साहित्य, संगीत और भक्ति के माध्यम से बसंत पंचमी के आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व को सार्थक रूप से रेखांकित किया.


