
जमशेदपुर)। टाटा स्टील ने स्पष्ट किया है कि जमशेदपुर फुटबॉल क्लब (जेएफसी) के आगामी 2026-27 सीजन से इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) से हटने के फैसले पर कोई पुनर्विचार नहीं किया जाएगा। कंपनी का कहना है कि यह निर्णय शीर्ष प्रबंधन के गहन विचार-विमर्श के बाद लिया गया है और अब टाटा स्टील का पूरा ध्यान जमीनी स्तर (ग्रासरूट) पर खेल प्रतिभाओं को निखारने पर रहेगा।
सोमवार को यहाँ एक पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए टाटा स्टील के वाइस प्रेसिडेंट (कॉरपोरेट सर्विसेज) और ‘जमशेदपुर फुटबॉल एंड स्पोर्टिंग प्राइवेट लिमिटेड’ (JFSPL) के चेयरमैन डीबी सुंदर रामम ने इस बात की पुष्टि की। इस दौरान जेएफसी के सीईओ मुकुल चौधरी भी उपस्थित थे।


ग्रासरूट डेवलपमेंट और मूल उद्देश्य की ओर वापसी
रामम ने कहा कि आईएसएल से बाहर होने का फैसला रातों-रात नहीं लिया गया। उन्होंने स्पष्ट किया:
“जेएफसी के गठन के बाद कंपनी को महसूस हुआ कि वह झारखंड और ओडिशा के अपने परिचालन क्षेत्रों में 7 से 17 वर्ष तक के बच्चों को ग्रासरूट स्तर पर प्रशिक्षण देने के अपने मूल उद्देश्य से दूर हो रही थी। इसलिए, अब हम टाटा फुटबॉल अकादमी (टीएफए), तीरंदाजी और हॉकी सहित अन्य अकादमियों के माध्यम से जमीनी स्तर पर प्रतिभाओं को तराशने में अधिक संसाधन लगाएंगे।”
खेल विकास में टाटा स्टील का ट्रैक रिकॉर्ड
कंपनी ने स्पष्ट किया कि जेएफसी के बाहर होने से खेल विकास के उसके प्रयासों में कोई कमी नहीं आएगी:
टीएफए की ऐतिहासिक उपलब्धि: पिछले साढ़े तीन दशकों (35 से अधिक वर्षों) में टाटा फुटबॉल अकादमी (TFA) ने 275 कैडेट्स को तैयार किया है। इनमें से 148 खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व किया है और 24 खिलाड़ियों ने भारतीय राष्ट्रीय फुटबॉल टीम की कप्तानी की है।
विस्तृत दायरा: कंपनी अब तक विभिन्न खेल विधाओं में 6,700 से अधिक कैडेट्स को ग्रासरूट स्तर पर सहयोग और प्रशिक्षण दे चुकी है।
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लाभ-हानि का सवाल और खिलाड़ियों के अनुबंध पर आश्वासन
पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए रामम ने कुछ मुख्य बिंदुओं पर स्थिति साफ की:
लाभ-हानि और प्रदर्शन का मुद्दा नहीं: टाटा स्टील ने जेएफसी में करोड़ों का निवेश लाभ या हानि के उद्देश्य से नहीं, बल्कि खेल और समुदाय को जोड़ने के लिए किया था। इस निर्णय का खिलाड़ियों के प्रदर्शन से कोई लेना-देना नहीं है।
कॉन्ट्रैक्ट का सम्मान: कंपनी खिलाड़ियों, कोचों और सपोर्ट स्टाफ के मौजूदा अनुबंधों (Contracts) का पूरा सम्मान करेगी।
स्थानांतरण (Transfers) में मदद: यदि खिलाड़ी किसी अन्य क्लब में शामिल होना चाहते हैं, तो टाटा स्टील उन्हें स्थानांतरित होने में पूरी सुविधा और सहयोग प्रदान करेगी।


