
जमशेदपुर: टाटा स्टील द्वारा हाल ही में जमशेदपुर फुटबॉल क्लब (जेएफसी) का संचालन बंद करने और इंडियन सुपर लीग (ISL) से बाहर होने की घोषणा के बाद शहर के खेल प्रेमियों में भारी आक्रोश है। सोमवार को बिष्टुपुर स्थित आर्मरी ग्राउंड के पास सैकड़ों स्थानीय युवाओं, खेल प्रेमियों और फुटबॉल खिलाड़ियों ने प्रबंधन के इस फैसले के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने कंपनी से इस निर्णय पर तत्काल प्रभाव से पुनर्विचार करने और इसे वापस लेने की मांग की है।


‘रेड माइंस फ्रेंड्स क्लब’ ने सौंपा ज्ञापन
इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व मुख्य रूप से ‘रेड माइंस फ्रेंड्स क्लब’ द्वारा किया गया। उनके पैड पर टाटा स्टील प्रबंधन को एक आधिकारिक ज्ञापन भी सौंपा गया। इस उग्र प्रदर्शन में शहर के कई प्रमुख फुटबॉल खिलाड़ी, जेएफसी के कट्टर समर्थक और युवा शामिल हुए। इसके अलावा, जेएफसी के प्रसिद्ध फैन बेस ‘द रेड माइनर्स क्लब’ और ‘द ट्राइब’ के प्रतिनिधियों ने भी अपनी प्रमुख उपस्थिति दर्ज कराई और प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
जमशेदपुर की पहचान और स्वाभिमान का प्रतीक है JFC
हाथों में तख्तियां और बैनर लिए प्रदर्शनकारियों का स्पष्ट कहना था कि जमशेदपुर एफसी महज एक फुटबॉल क्लब नहीं है, बल्कि यह इस शहर की सांस्कृतिक पहचान और स्वाभिमान का प्रतीक बन चुका है। फैंस का मानना है कि क्लब ने राष्ट्रीय स्तर पर शहर का नाम रोशन किया है। इसके बंद होने से उन हजारों युवा एथलीटों के सपनों को गहरा आघात पहुंचेगा, जो जेएफसी के जरिए अपना भविष्य संवारने का सपना देखते हैं।
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टाटा की ऐतिहासिक खेल विरासत पर उठे सवाल
प्रदर्शन के दौरान खेल प्रेमियों ने टाटा स्टील की खेल विरासत पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि जमशेदपुर में फुटबॉल की एक बेहद समृद्ध और ऐतिहासिक परंपरा रही है। टाटा स्टील ने हमेशा से इस खेल संस्कृति को बढ़ावा दिया है, लेकिन अचानक क्लब को बंद करने का यह कदम उस ऐतिहासिक विरासत के पूरी तरह से विपरीत है। उभरती हुई प्रतिभाओं के करियर पर इस फैसले का बेहद प्रतिकूल असर पड़ेगा।
निर्णय वापस नहीं हुआ तो होगा उग्र आंदोलन
प्रदर्शन के अंत में सभी फैन क्लब्स और सदस्यों ने एकजुट होकर जेएफसी को बचाने का कड़ा संकल्प लिया। उन्होंने टाटा स्टील से आम जनता और खेल प्रशंसकों की भावनाओं का सम्मान करते हुए तुरंत यह फैसला वापस लेने की अपील की है। साथ ही, उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि कंपनी प्रबंधन ने अपनी जिद नहीं छोड़ी और फैसले पर पुनर्विचार नहीं किया, तो आने वाले दिनों में शहर भर में चरणबद्ध तरीके से एक बड़ा और उग्र विरोध प्रदर्शन शुरू किया जाएगा।


