
Jamshedpur: उत्कल एसोसिएशन में आगामी 9 अगस्त को प्रस्तावित चुनाव से पहले संगठन के भीतर चल रहे विवाद ने नया मोड़ ले लिया है। संस्था के संरक्षक और वरिष्ठ उद्योगपति एस. के. बेहेरा ने अपने पद से इस्तीफा देकर सदस्यता प्रक्रिया, चुनावी पारदर्शिता और संगठनात्मक निर्णयों पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि अपने लगभग 50 वर्षों के बेदाग सार्वजनिक जीवन को देखते हुए संस्था की गरिमा और अपने सिद्धांतों की रक्षा के लिए यह निर्णय लेना पड़ा।


सदस्यता प्रक्रिया पर जताई सैद्धांतिक असहमति
एस. के. बेहेरा ने कहा कि नए सदस्यों का स्वागत किया जाना चाहिए, लेकिन बिना एक्जीक्यूटिव कमिटी की स्वीकृति के 109 नए सदस्यों को तत्काल मतदान का अधिकार देना नियमसंगत और निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया के अनुरूप नहीं है। उनके अनुसार इस तरह का निर्णय भविष्य में संगठन के भीतर अविश्वास और विवाद को बढ़ावा दे सकता है।
उन्होंने सुझाव दिया कि नए सदस्यों की उचित और पारदर्शी जांच के लिए चुनाव को कम से कम तीन महीने के लिए स्थगित किया जाए, अथवा नए सदस्यों को दो वर्ष बाद मतदान का अधिकार दिया जाए।
भावुक होकर कहा, “माता-पिता को वृद्धाश्रम भेजने जैसा अनुभव”
पत्रकारों से बातचीत के दौरान एस. के. बेहेरा भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार कुछ बच्चे अपने माता-पिता को वृद्धाश्रम भेज देते हैं, उसी तरह उन्हें भी संस्था में उपेक्षा और आघात का अनुभव हुआ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष का विरोध नहीं, बल्कि संस्था की परंपरा, नियम और निष्पक्ष चुनाव प्रणाली की रक्षा करना है।
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मामला प्रशासन और न्यायालय तक पहुंचा
उन्होंने बताया कि नए सदस्यों की वैधता और सदस्यता प्रक्रिया को लेकर स्थानीय अनुमंडल अधिकारी (SDO) पहले ही आपत्ति दर्ज कर चुके हैं और मामला IG Registration के पास भेजा गया है। इसके अलावा, संगठन से जुड़े कुछ सदस्यों ने निष्पक्षता की मांग करते हुए उच्च न्यायालय का भी रुख किया है। उन्होंने कहा कि अंतिम समाधान नियम और कानून के दायरे में ही होना चाहिए।
सौहार्द्रपूर्ण समाधान होने पर इस्तीफा वापस लेने के संकेत
एस. के. बेहेरा ने यह भी कहा कि यदि दोनों पक्ष आपसी संवाद और सहमति से विवाद का समाधान निकाल लेते हैं तथा संस्था में पुनः सौहार्द्रपूर्ण वातावरण बनता है, तो वे संगठन के हित में अपना इस्तीफा वापस लेने पर विचार कर सकते हैं।
आदित्यपुर की सड़कों और औद्योगिक विकास पर भी रखी बात
अनौपचारिक बातचीत के दौरान उन्होंने आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र की जर्जर सड़कों और बुनियादी ढांचे की खराब स्थिति पर चिंता व्यक्त की और राज्य सरकार से इस दिशा में त्वरित कार्रवाई की अपील की। साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा झारखंड में औद्योगिक निवेश और उद्योग विकास को बढ़ावा देने के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने अपने प्रस्तावित पद्मावती देवी मल्टी-स्पेशलिटी हॉस्पिटल का भी उल्लेख किया, जो कोल्हान क्षेत्र के लोगों को किफायती और आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से स्थापित किया जा रहा है।


