
जमशेदपुर:
शैक्षणिक और बौद्धिक प्रतिभा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से रविवार, 21 दिसंबर 2025 को साकची स्थित बारी मैदान क्लब हाउस में राज्य स्तरीय इंडियन एबेकस एवं मेंटल अरिथमेटिक प्रतियोगिता 2025 का भव्य आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में झारखंड के विभिन्न जिलों से आए सैकड़ों विद्यार्थियों ने उत्साह और आत्मविश्वास के साथ भाग लिया।

झारखंड भर से जुटे प्रतिभाशाली विद्यार्थी
प्रतियोगिता में भाग लेने वाले विद्यार्थियों ने तेज गणना, एकाग्रता और मानसिक क्षमता का बेहतरीन प्रदर्शन किया। बच्चों के चेहरे पर आत्मविश्वास और प्रतिस्पर्धा की सकारात्मक भावना साफ नजर आ रही थी। आयोजन स्थल पर अभिभावकों की भी अच्छी-खासी उपस्थिति रही, जिन्होंने बच्चों का उत्साहवर्धन किया।
मुख्य अतिथि ने बढ़ाया बच्चों का हौसला
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. निखिल कुमार, वैज्ञानिक, सीएसआईआर–नेशनल मेटलर्जिकल लेबोरेटरी (एनएमएल), जमशेदपुर रहे। अपने संबोधन में उन्होंने विद्यार्थियों की मेहनत, अनुशासन और असाधारण मानसिक क्षमताओं की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिताएं बच्चों में तार्किक सोच और आत्मविश्वास को मजबूत करती हैं तथा भविष्य में उन्हें हर क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती हैं।
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प्रतियोगिता का उद्देश्य
इस राज्य स्तरीय प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को एक साझा मंच प्रदान करना था, जहां वे अपनी एकाग्रता, कल्पनाशक्ति, स्मरण शक्ति और मानसिक गणना क्षमता का प्रदर्शन कर सकें। मेंटल अरिथमेटिक के माध्यम से बच्चों के संज्ञानात्मक विकास को प्रोत्साहित करना इस आयोजन की प्रमुख विशेषता रही।
विजेताओं का सम्मान
प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले सभी विद्यार्थियों को पदक और ट्रॉफी प्रदान कर सम्मानित किया गया। आयोजकों ने प्रत्येक प्रतिभागी के प्रयास की सराहना की और बच्चों को आगे भी इस तरह की प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए प्रेरित किया।
इंडियन एबेकस झारखंड की सराहनीय भूमिका
इस पूरे आयोजन को टीम इंडियन एबेकस झारखंड द्वारा अत्यंत सुव्यवस्थित और अनुशासित ढंग से संपन्न कराया गया। इस अवसर पर इंडियन एबेकस झारखंड के स्टेट हेड श्री संजीव सिंह ने बताया कि प्रतियोगिता के लिए छात्र पिछले तीन महीनों से नियमित अभ्यास कर रहे थे।
जीवनभर काम आने वाले गुणों का विकास
श्री संजीव सिंह ने कहा कि यह प्रतियोगिता केवल गणितीय गति और शुद्धता तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे बच्चों में एकाग्रता, कल्पनाशक्ति, मानसिक क्षमता और आत्मविश्वास जैसे गुण विकसित होते हैं, जो जीवनभर उनके काम आते हैं। उन्होंने सभी विजेताओं और प्रतिभागियों को शुभकामनाएं दीं।
कार्यक्रम को लेकर अभिभावकों की ओर से भी सकारात्मक और उत्साहजनक प्रतिक्रिया देखने को मिली, जिससे आयोजन की सफलता और भी बढ़ गई।



