जमशेदपुर:
खाकी वर्दी में अनुशासन और फिटनेस की मिसाल बने साकची थाना प्रभारी एवं पुलिस निरीक्षक आनंद मिश्रा ने एक बार फिर मैराथन दौड़ में अपनी मजबूत इच्छाशक्ति और जज़्बे का परिचय दिया है। रविवार को कोलकाता में टाटा स्टील द्वारा प्रायोजित प्रतिष्ठित टाटा स्टील 25 किलोमीटर मैराथन में उन्होंने सफलतापूर्वक हिस्सा लिया और तय दूरी को 02 घंटे 27 मिनट 45 सेकंड में पूरा कर फिनिश लाइन पार की।
कोलकाता में दिखाया दमखम
टाटा स्टील 25 किलोमीटर मैराथन में देशभर से हजारों धावकों ने हिस्सा लिया था। इस चुनौतीपूर्ण दौड़ में पुलिस निरीक्षक आनंद मिश्रा ने न सिर्फ भाग लिया, बल्कि पूरे आत्मविश्वास और संयम के साथ दौड़ पूरी कर जमशेदपुर पुलिस का नाम रोशन किया। उनकी यह उपलब्धि बताती है कि व्यस्त पुलिस सेवा के बावजूद फिटनेस को प्राथमिकता दी जा सकती है।
विभाग और मित्रों ने दी बधाई
आनंद मिश्रा की इस सफलता पर उनके परिजनों, मित्रों और पुलिस विभाग के वरीय पदाधिकारियों ने उन्हें बधाई दी है। सभी ने उनके जज्बे की सराहना करते हुए भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन की कामना की है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि ऐसे अधिकारी युवाओं और पुलिसकर्मियों के लिए प्रेरणा का स्रोत होते हैं।
फिटनेस से मिलती है कार्यक्षमता
पुलिस निरीक्षक आनंद मिश्रा का कहना है कि नियमित दौड़ और मैराथन में भाग लेने की आदत से उन्हें न सिर्फ शारीरिक फिटनेस बनाए रखने में मदद मिलती है, बल्कि मानसिक मजबूती भी मिलती है। उन्होंने बताया कि फिट शरीर होने से विभागीय जिम्मेदारियों और लक्ष्यों को पूरा करने में भी काफी सहूलियत होती है और काम के प्रति ऊर्जा बनी रहती है।
मैराथन का लंबा अनुभव
यह पहली बार नहीं है जब आनंद मिश्रा ने किसी बड़ी मैराथन में हिस्सा लिया हो। इससे पहले भी वे कोलकाता मैराथन, दिल्ली मैराथन, जमशेदपुर हाफ मैराथन और मुंबई फुल मैराथन जैसी प्रतिष्ठित दौड़ों में भाग ले चुके हैं। लगातार मैराथन में भाग लेना उनके खेल प्रेम और अनुशासन को दर्शाता है।
युवाओं के लिए प्रेरणा
खाकी वर्दी के साथ खेल और फिटनेस को संतुलित करना आसान नहीं होता, लेकिन आनंद मिश्रा ने यह साबित कर दिया है कि इच्छाशक्ति हो तो हर लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। उनकी यह उपलब्धि न सिर्फ पुलिस विभाग, बल्कि शहर के युवाओं के लिए भी एक प्रेरणादायक उदाहरण है।




