जमशेदपुर।
समाज को खोखला कर रहे नशे के खिलाफ पूर्वी सिंहभूम जिले में एक बड़ी जंग छेड़ दी गई है। युवाओं को नशे के जाल से बचाने और जागरूक करने के उद्देश्य से घाटशिला स्थित सोना देवी विश्वविद्यालय (Sona Devi University) के विवेकानंद सभागार में बुधवार को एक वृहद ‘नशा मुक्ति जागरूकता अभियान’ का आयोजन किया गया।
इस महा-अभियान का आयोजन पूर्वी सिंहभूम जिला प्रशासन, सोना देवी विश्वविद्यालय, सिविल डिफेंस और जमशेदपुर की मेराकी (Meraki) संस्था के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।
ड्रग्स कारोबारियों की 112 पर दें सूचना: ग्रामीण एसपी
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित ग्रामीण पुलिस अधीक्षक (Rural SP) श्री ऋषभ गर्ग ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि नशे के दुष्प्रभाव से आज सबसे ज्यादा युवा वर्ग ही प्रभावित हो रहा है। उन्होंने छात्रों को ‘सिंथेटिक ड्रग्स’ के खतरों से आगाह करते हुए कहा कि वे खुद बचें और अपने आसपास के लोगों को भी जागरूक करें।
ग्रामीण एसपी ने एक बड़ा संदेश देते हुए कहा कि, “कोई भी छात्र या नागरिक बेझिझक जमशेदपुर स्थित कंपोजिट कंट्रोल रूम के हेल्पलाइन नंबर 112 पर फोन करके ड्रग्स के कारोबारियों की गुप्त सूचना दे सकता है। प्रशासन इस क्षेत्र को पूरी तरह से नशा मुक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।”
नशा पीड़ितों को चाहिए इलाज और सहानुभूति: कुलाधिपति
सोना देवी विश्वविद्यालय के कुलाधिपति (Chancellor) श्री प्रभाकर सिंह ने विषय की गंभीरता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि नशे के शिकार लोगों को समाज के तिरस्कार की नहीं, बल्कि सहानुभूति और सही इलाज की जरूरत है।
उन्होंने बताया कि रांची के केंद्रीय मनश्चिकित्सा संस्थान (CIP) में ड्रग्स एडिक्शन का बेहतरीन इलाज उपलब्ध है। कुलाधिपति ने कहा, “हमें ऐसे लोगों के पुनर्वास (Rehabilitation) की व्यवस्था करनी चाहिए। शैक्षणिक संस्थानों को नशा मुक्त बनाने के लिए यूजीसी (UGC) और विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन होना चाहिए।”
छात्र बनेंगे ‘सिविल डिफेंस वॉलेंटियर’
सिविल डिफेंस के उपाध्यक्ष श्री दयाशंकर मिश्र ने छात्रों को नागरिक सुरक्षा का महत्व समझाया। उन्होंने घोषणा की कि जल्द ही सोना देवी विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को ‘सिविल डिफेंस वॉलेंटियर’ बनाया जाएगा। उन्होंने छात्रों को मोटर वाहन अधिनियम (MVI Act), पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) और सड़क दुर्घटना में घायलों की मदद करने के लिए भी जागरूक किया।
वहीं, मेराकी संस्था की सचिव रीता पात्रा ने बताया कि प्रशासन के सहयोग से पिछले एक वर्ष से यह अभियान चलाया जा रहा है। अब विश्वविद्यालय के छात्रों के साथ मिलकर घाटशिला के चुनिंदा क्षेत्रों में जागरूकता फैलाई जाएगी।
‘पब्लिक फ्रेंडली’ हुई पुलिस, बेहिचक आएं थाने
जागरूकता अभियान में घाटशिला के थाना प्रभारी राजेंद्र मुंडा और मऊभंडार के थाना प्रभारी नीरज गुप्ता ने भी शिरकत की।
राजेंद्र मुंडा ने कहा कि पुलिसिंग में अब काफी बदलाव आया है, पुलिस अब ‘पब्लिक फ्रेंडली’ है, इसलिए लोग बिना डरे अपनी समस्याएं लेकर थाने आएं। वहीं, नीरज गुप्ता ने चिंता जताते हुए कहा कि राज्य में नशे के कारोबारियों की गतिविधियां बढ़ी हैं, जिन्हें कुचलने के लिए समाज के हर वर्ग को पुलिस के साथ आना होगा।
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ऐसे हुआ कार्यक्रम का शानदार आगाज
इससे पूर्व, कार्यक्रम की भव्य शुरुआत अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन और बी-फार्मा की छात्रा मौसमी महतो द्वारा प्रस्तुत ‘गणेश वंदना’ नृत्य के साथ हुई। इस सफल जागरूकता कार्यक्रम का शानदार संचालन सहायक कुलसचिव अर्चना सिंह ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन विश्वविद्यालय की कुलसचिव डॉ. नित नयना ने किया।





