घाटशिला/खड़गपुर: भारतीय रेलवे के सफर के दौरान एक बेहद सुखद और मानवीय घटना सामने आई है। रायपुर से शालीमार (कोलकाता) जा रही 12101 ज्ञानेश्वरी एक्सप्रेस में सफर के दौरान एक गर्भवती महिला को अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए ट्रेन में मौजूद रेलवे स्टाफ और आरपीएफ (RPF) जवानों ने देवदूत बनकर महिला की मदद की, जिससे उसने चलती ट्रेन में ही एक स्वस्थ बच्ची को सुरक्षित जन्म दिया।
खड़गपुर से ट्रेन खुलते ही उठी प्रसव पीड़ा
जानकारी के अनुसार, महिला यात्री श्रीमती मिनारा मोल्ला ज्ञानेश्वरी एक्सप्रेस के स्लीपर कोच (S4) में यात्रा कर रही थीं। उनका गंतव्य शालीमार था। सफर सामान्य चल रहा था, लेकिन ट्रेन जैसे ही खड़गपुर जंक्शन से आगे के लिए रवाना हुई, अचानक श्रीमती मोल्ला को तेज प्रसव पीड़ा (Labor Pain) शुरू हो गई। चलती ट्रेन में मेडिकल इमरजेंसी की इस स्थिति से कोच के सहयात्रियों में भी हलचल मच गई।
टीटीई और आरपीएफ जवानों ने दिखाई तत्परता
महिला की बिगड़ती हालत को देखते हुए कोच में ड्यूटी पर तैनात टिकट जांच स्टाफ (TTE) और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के जवानों ने तुरंत मोर्चा संभाला। रेलवे कर्मियों ने पूरी संवेदनशीलता और तत्परता दिखाते हुए महिला को सुरक्षित प्रसव के लिए हर संभव सहायता पहुंचाई। उनकी सतर्कता और सहयोग के कारण महिला ने ट्रेन के डिब्बे में ही एक स्वस्थ नवजात बच्ची को जन्म दिया। बच्ची की किलकारी गूंजते ही कोच में खुशी की लहर दौड़ गई।
शालीमार स्टेशन पर जच्चा-बच्चा को मिली मेडिकल सुविधा
प्रसव के बाद जब ज्ञानेश्वरी एक्सप्रेस अपने अंतिम गंतव्य स्टेशन शालीमार (Shalimar Station) पहुंची, तो वहां पहले से ही मेडिकल टीम अलर्ट मोड पर थी। मां और नवजात बच्ची को बहुत ही सावधानी और सुरक्षित तरीके से ट्रेन से नीचे उतारा गया। इसके तुरंत बाद रेलवे की ओर से उन्हें आवश्यक चिकित्सा सुविधा (Medical Care) और स्वास्थ्य देखभाल उपलब्ध कराई गई।
रेलवे कर्मियों की कर्तव्यनिष्ठा की हो रही जमकर तारीफ
इस पूरी घटना ने रेलवे कर्मियों की सजगता, मानवीय दृष्टिकोण और उनकी कर्तव्यनिष्ठा की एक शानदार मिसाल पेश की है। एक बेहद चुनौतीपूर्ण परिस्थिति में भी यात्री की जान बचाने और सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित करने के लिए रेलवे स्टाफ और आरपीएफ जवानों के इस सराहनीय कार्य की हर तरफ प्रशंसा हो रही है।




