जमशेदपुर/सीनी (Indian Railways News): ट्रेनों में सफर के दौरान या रेलवे स्टेशनों पर अक्सर यात्रियों को अचानक मेडिकल इमरजेंसी (Medical Emergency) का सामना करना पड़ता है। ऐसी विकट परिस्थिति में यात्रियों की जान बचाने के लिए रेलवे कर्मचारियों को ‘फर्स्ट रिस्पांडर’ (First Responder) के रूप में तैयार किया जा रहा है। इसी अहम उद्देश्य के साथ टाटानगर रेल सिविल डिफेंस (Tatanagar Rail Civil Defense) द्वारा सीनी स्थित ‘जोनल रेलवे प्रशिक्षण संस्थान’ (Zonal Railway Training Institute, Sini) में एक विशेष और वृहद प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
इस ट्रेनिंग शिविर में देश भर के 16 रेलवे डिवीजनों से आए 147 रेलकर्मियों (स्टेशन मैनेजर, प्रो-स्टेशन मैनेजर, ट्रेन मैनेजर, सीसीटीसी और पॉइंट मैन) को यात्री सुरक्षा, बेसिक लाइफ सपोर्ट (Basic Life Support – BLS) और आपातकालीन रेस्क्यू कार्यों का गहन प्रशिक्षण दिया गया।
‘फर्स्ट रिस्पांडर’ की भूमिका में रेलकर्मी बचाएंगे यात्रियों की जान
प्रशिक्षण के दौरान राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित सिविल डिफेंस इंस्पेक्टर संतोष कुमार ने उपस्थित रेलकर्मियों को संबोधित करते हुए कहा कि, “अक्सर स्टेशनों पर देखा जाता है कि यात्री बैठे-बैठे मूर्छित (बेहोश) हो जाते हैं, या फिर सीढ़ी, ट्रेन और एलिवेटर (एस्केलेटर) चढ़ने-उतरने के दौरान चोटिल हो जाते हैं। ऐसी स्थिति में आम लोग कई बार मूकदर्शक बन जाते हैं।”
उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसी आपातकालीन स्थिति में एक रेलकर्मी द्वारा दी गई प्राथमिक चिकित्सा (First Aid) किसी की अनमोल जान बचा सकती है। ‘बेसिक लाइफ सपोर्ट’ की कुशलता से यात्रियों की सुरक्षा और जीवन रक्षा शत-प्रतिशत सुनिश्चित की जा सकती है।
सीपीआर (CPR) और ‘हेमलीच मैनओवर’ की दी गई प्रैक्टिकल ट्रेनिंग
यात्रियों की जान बचाने के लिए इंस्पेक्टर संतोष कुमार ने कर्मचारियों को कई जीवन रक्षक तकनीकों का प्रैक्टिकल (Live Demonstration) करके दिखाया:
कार्डियक अरेस्ट (दिल का दौरा): ट्रेन यात्रा या प्लेटफॉर्म पर किसी यात्री को कार्डियक अरेस्ट आने, अचेत होने या धड़कन रुकने की स्थिति में तत्काल सीपीआर (CPR) देने की सही विधि सिखाई गई।
गले में कुछ अटकना: भोजन या किसी बाहरी वस्तु के श्वसन नली (Windpipe) में अटक जाने पर जान बचाने के लिए प्राथमिक चिकित्सा के तौर पर ‘हेमलीच मैनओवर’ (Heimlich Maneuver) तकनीक का प्रशिक्षण दिया गया।
इसके साथ ही, सिविल डिफेंस डेमोंस्ट्रेटर शंकर कुमार प्रसाद ने आग लगने जैसी आपात स्थिति से निपटने के लिए ‘फायर एक्सटिंग्विशर’ (अग्निशमन यंत्र) के सुरक्षित और सही उपयोग की जानकारी दी।
16 मंडलों के कर्मचारियों ने लिया हिस्सा, प्राचार्य ने की जमकर तारीफ
इस विशाल प्रशिक्षण कार्यक्रम में दक्षिण पूर्व रेलवे सहित देश के 16 मंडलों के कर्मचारियों ने हिस्सा लिया। इनमें मुख्य रूप से चक्रधरपुर, रांची, आद्रा, खड़गपुर, नागपुर, संबलपुर, विशाखापट्टनम, खुर्दा, बिलासपुर और रायपुर डिविजन के कुल 147 रिफ्रेशर स्टेशन मैनेजर, ट्रेन मैनेजर और सीसीटीसी शामिल हुए।
प्रशिक्षण के अंत में सीनी संस्थान के मुख्य अनुदेशक ने सभी का धन्यवाद ज्ञापन किया। वहीं, जोनल रेलवे प्रशिक्षण संस्थान के प्राचार्य मनोज कुमार सिंह ने टाटानगर सिविल डिफेंस टीम द्वारा दी जा रही इस जीवन रक्षक ट्रेनिंग को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया और टीम के उत्कृष्ट कार्यों की भूरि-भूरि प्रशंसा की।





