
जमशेदपुर, 28 मई 2026: राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT) जमशेदपुर के सिविल इंजीनियरिंग विभाग द्वारा आयोजित तीन दिवसीय एएनआरएफ समर्थित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन “सस्टेनेबल प्रैक्टिसेज एंड मैटेरियल्स इन सिविल इंजीनियरिंग (SPMCE 2026)” का भव्य शुभारंभ हुआ। हाइब्रिड मोड में आयोजित यह खास सम्मेलन पर्यावरण संतुलन, शून्य-अपशिष्ट (Zero-Waste) और मजबूत अवसंरचना विकास जैसे महत्वपूर्ण वैश्विक विषयों पर केंद्रित है। कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक दीप प्रज्ज्वलन और गायिका निबेदिता मंडल द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना के साथ हुई।

232 शोधपत्रों का हुआ चयन, 21 सत्रों में होगी चर्चा
सम्मेलन के आयोजन सचिव डॉ. सुभदीप मेत्या ने बताया कि इस पहले संस्करण को वैश्विक स्तर पर शानदार प्रतिक्रिया मिली है। कड़ी डबल-ब्लाइंड पीयर रिव्यू प्रक्रिया के बाद 37 प्रतिशत चयन दर के साथ 232 उच्च गुणवत्ता वाले शोधपत्र चुने गए हैं, जिन्हें 21 तकनीकी सत्रों में प्रस्तुत किया जाएगा। वहीं, विभागाध्यक्ष डॉ. प्रह्लाद प्रसाद ने एनआईटी जमशेदपुर की उन्नत अनुसंधान गतिविधियों और विभागीय उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। मौके पर अतिथियों द्वारा एक विशेष सम्मेलन स्मारिका का भी विमोचन किया गया।
‘विकसित भारत@2047’ और पर्यावरण-अनुकूल निर्माण पर जोर
उद्घाटन समारोह में शिक्षा और उद्योग जगत की कई बड़ी हस्तियां मौजूद रहीं। मुख्य अतिथि और सरला बिरला विश्वविद्यालय के महानिदेशक प्रो. (डॉ.) गोपाल पाठक ने निर्माण कार्यों में पर्यावरण-अनुकूल बाइंडर्स और स्मार्ट मैटेरियल्स के उपयोग पर जोर दिया। एनआईटी के निदेशक प्रो. (डॉ.) गौतम सूत्रधार ने इंजीनियरिंग रिसर्च को जमीनी औद्योगिक जरूरतों से जोड़ने की बात कही। इसके अलावा टाटा स्टील UISL के प्रबंध निदेशक अतुल कुमार भटनागर और सोना देवी विश्वविद्यालय के संस्थापक प्रभाकर सिंह ने शहरी विकास और विजनरी लीडरशिप के महत्व को समझाया।
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सस्टेनेबल जियोटेक्निक्स लैब का उद्घाटन और शिक्षकों का सम्मान
सम्मेलन के पहले दिन विभाग को दो ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल हुईं। नवस्थापित “सस्टेनेबल जियोटेक्निक्स प्रयोगशाला (SG Lab)” का उद्घाटन किया गया। साथ ही एक भावपूर्ण “लीगेसी ट्रिब्यूट सेशन” आयोजित हुआ, जिसमें विभाग के वरिष्ठ व सेवानिवृत्त हो रहे प्रो. आर. पी. सिंह और प्रो. ए. के. एल. श्रीवास्तव के चार दशकों के योगदान को सम्मानित किया गया।
दोपहर के सत्रों में आईआईटी कानपुर के प्रो. अनिमेष दास, आईआईईएसटी शिबपुर के प्रो. सुब्रत चक्रवर्ती और दक्षिण कोरिया के प्रो. दीपक जाधव ने मुख्य व्याख्यान दिए। सम्मेलन का पहला दिन रेडिसन होटल में आयोजित सांस्कृतिक संध्या और नेटवर्किंग डिनर के साथ संपन्न हुआ।



