जमशेदपुर, 31 अक्टूबर 2026: दीपावली की तैयारियों के बीच सिख धर्म प्रचारक, विचारक एवं युवा मार्गदर्शक ज्ञानी हरविंदर सिंह जमशेदपुरी ने समाज को स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और आंतरिक शुद्धता का संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि दीपावली की वास्तविक सार्थकता केवल घरों की साफ-सफाई में नहीं, बल्कि मन, विचारों और आसपास के पर्यावरण को स्वच्छ रखने में भी है।
शनिवार को संगत और आम जनता के नाम जारी संदेश में उन्होंने कहा कि स्वच्छता को केवल त्योहारों तक सीमित रखने के बजाय जीवनशैली और सामाजिक जिम्मेदारी का हिस्सा बनाना चाहिए।
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गुरु नानक देव की वाणी में प्रकृति संरक्षण का संदेश
ज्ञानी हरविंदर सिंह जमशेदपुरी ने गुरु ग्रंथ साहिब में दर्ज गुरु नानक देव की पावन वाणी ‘पवणु गुरु, पाणी पिता, माता धरत महत’ का उल्लेख करते हुए कहा कि यह संदेश प्रकृति के प्रति सम्मान, कृतज्ञता और जिम्मेदारी का बोध कराता है।
उन्होंने बताया कि इस वाणी में हवा को गुरु, पानी को पिता और धरती को महान माता के समान माना गया है।
उनके अनुसार, जिस प्रकार मनुष्य अपने गुरु का सम्मान, पिता का आदर और माता की सेवा करता है, उसी प्रकार हवा, पानी और धरती की रक्षा करना भी उसका कर्तव्य है।
घर साफ करने के नाम पर सड़कों और नालियों में न फैलाएं गंदगी
ज्ञानी हरविंदर सिंह ने कहा कि दीपावली के अवसर पर घरों की सफाई के दौरान बड़ी मात्रा में कचरा निकलता है। ऐसे में लोगों को यह ध्यान रखना चाहिए कि घर से निकला कचरा सड़कों, नालियों, जलस्रोतों और सार्वजनिक स्थानों पर न फेंका जाए।
उन्होंने कहा कि यदि घर को साफ करने के नाम पर आसपास के वातावरण को गंदा किया जाता है, तो यह वास्तविक स्वच्छता नहीं है।
उन्होंने लोगों से सफाई के दौरान पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार व्यवहार अपनाने की अपील की।
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सूखा-गीला कचरा अलग रखें, पानी की बर्बादी से बचें
सिख धर्म प्रचारक ने दीपावली की सफाई के दौरान कुछ महत्वपूर्ण सावधानियां बरतने का सुझाव दिया।
सूखे और गीले कचरे को अलग-अलग रखें।
प्लास्टिक और अनुपयोगी वस्तुओं का उचित निस्तारण करें।
सफाई के दौरान पानी की अनावश्यक बर्बादी न करें।
हानिकारक रसायनों को नालियों और जलस्रोतों में बहाने से बचें।
पटाखों से होने वाले वायु और ध्वनि प्रदूषण के प्रति जागरूक रहें।
उन्होंने विशेष रूप से युवाओं से पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता के प्रति समाज में जागरूकता फैलाने का आह्वान किया।
मन से अहंकार, ईर्ष्या और नफरत को भी दूर करना जरूरी
ज्ञानी हरविंदर सिंह जमशेदपुरी ने कहा कि दीपावली पर घरों की सफाई के साथ मन में मौजूद नकारात्मक भावनाओं को दूर करने का भी संकल्प लेना चाहिए।
उन्होंने कहा, “हम दीपावली पर अपने घरों के हर कोने से धूल और गंदगी निकालते हैं, लेकिन हमें अपने मन से अहंकार, ईर्ष्या, नफरत और स्वार्थ की गंदगी भी निकालनी चाहिए।”
उन्होंने कहा कि गुरु साहिब की वाणी मनुष्य को प्रकृति के साथ संतुलन बनाकर जीवन जीने की प्रेरणा देती है।
स्वच्छ हवा, निर्मल जल और प्रदूषणमुक्त धरती के बिना किसी भी उत्सव की खुशियां अधूरी रह जाती हैं।
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स्वच्छता को एक दिन का अभियान नहीं, जीवन का संस्कार बनाएं
ज्ञानी हरविंदर सिंह ने संगत और युवाओं से अपील की कि दीपावली पर स्वच्छता को केवल एक दिन के अभियान तक सीमित न रखें।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक परिवार को अपने घर के साथ गली, मोहल्ले और सार्वजनिक स्थानों की स्वच्छता के प्रति भी जिम्मेदार होना चाहिए।
उन्होंने संदेश दिया कि सच्ची दीपावली वही है, जिसमें घरों में दीप जलें, मन में प्रेम का प्रकाश फैले और प्रकृति भी स्वच्छ एवं सुरक्षित रहे।

