
जमशेदपुर: नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (NIT) जमशेदपुर ने वैश्विक अकादमिक जगत में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। संस्थान के आठ फैकल्टी सदस्यों को वर्ष 2026 की दुनिया के शीर्ष 2% वैज्ञानिकों की सूची में जगह मिली है। यह उपलब्धि संस्थान में रिसर्च, इनोवेशन और उच्च गुणवत्ता वाले शोध कार्यों की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को दर्शाती है।
संस्थान के अनुसार, इन वैज्ञानिकों ने विभिन्न शोध क्षेत्रों में अपने योगदान, अंतरराष्ट्रीय शोध प्रकाशनों और वैज्ञानिक उद्धरणों के माध्यम से वैश्विक शोध समुदाय में पहचान बनाई है। इस उपलब्धि से NIT जमशेदपुर की अंतरराष्ट्रीय अकादमिक प्रतिष्ठा को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
NIT जमशेदपुर के इन 8 प्रोफेसरों को मिली वैश्विक पहचान
वर्ष 2026 की सूची में शामिल संस्थान के आठ फैकल्टी सदस्यों के नाम इस प्रकार हैं:
- प्रो. संजय — मैकेनिकल इंजीनियरिंग
- प्रो. सतीश कुमार — मैकेनिकल इंजीनियरिंग
- डॉ. बलराम अंबाडे — केमिस्ट्री
- डॉ. सुनील कुमार — मैथमेटिक्स
- डॉ. सुरजीत कुंडू — इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग
- डॉ. वीरप्रताप मीणा — इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग
- डॉ. सूर्य प्रकाश — इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग
- डॉ. अजय कुमार — इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग
इन फैकल्टी सदस्यों का शोध गणितीय मॉडलिंग, डेटा विश्लेषण, मैटेरियल्स साइंस, थर्मल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन तथा केमिकल साइंसेज जैसे क्षेत्रों में फैला हुआ है।
स्कोपस डेटाबेस के आधार पर तैयार होती है सूची
दुनिया के शीर्ष 2% वैज्ञानिकों की सूची वैज्ञानिकों के शोध योगदान और उसके प्रभाव का आकलन करने के लिए तैयार की जाती है। संबंधित रैंकिंग में एल्सेवियर के सहयोग से स्कोपस डेटाबेस के बिब्लियोमेट्रिक आंकड़ों का उपयोग किया जाता है।
इस आकलन में साइटेशन इम्पैक्ट, एच-इंडेक्स, सह-लेखक के साथ शोध कार्य, शोध उत्पादकता और अन्य वैज्ञानिक मानकों को ध्यान में रखा जाता है। इसमें वैज्ञानिकों के पूरे करियर के शोध प्रभाव और किसी एक वर्ष के शोध प्रभाव का अलग-अलग आकलन भी शामिल होता है।
डायरेक्टर गौतम सूत्रधर ने दी बधाई
NIT जमशेदपुर के निदेशक प्रो. (डॉ.) गौतम सूत्रधर ने इस उपलब्धि पर सभी आठ फैकल्टी सदस्यों को बधाई दी। उन्होंने उनके समर्पित शोध प्रयासों और वैश्विक स्तर पर मिली पहचान की सराहना की।
संस्थान के अनुसार, शोध और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए लगातार किए जा रहे प्रयासों से फैकल्टी सदस्यों को उच्च प्रभाव वाले शोध कार्य करने के अवसर मिल रहे हैं। संस्थान में अंतर्विषयक अनुसंधान, गुणवत्तापूर्ण प्रकाशनों और अकादमिक उत्कृष्टता पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
READ MORE :BIHAR NEWS: जनसेवा एक्सप्रेस में सांप दिखाकर यात्रियों से पैसे मांग रहे थे 6 सपेरे, दिघवारा स्टेशन पर उतारा
विद्यार्थियों और शोधार्थियों को भी मिलेगा प्रोत्साहन
NIT जमशेदपुर के आठ फैकल्टी सदस्यों की इस उपलब्धि को संस्थान के शोध वातावरण के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे विद्यार्थियों और शोधार्थियों को उच्च गुणवत्ता वाले शोध, अंतरराष्ट्रीय सहयोग तथा उद्योगों के साथ मिलकर काम करने के लिए प्रेरणा मिलने की उम्मीद है।
यह उपलब्धि संस्थान के शोध और नवाचार के क्षेत्र में आगे बढ़ने के प्रयासों को रेखांकित करती है। साथ ही, वैश्विक वैज्ञानिक समुदाय में भारतीय तकनीकी संस्थानों की बढ़ती भागीदारी को भी सामने लाती है।

