
जमशेदपुर: राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT) जमशेदपुर में स्वास्थ्य सेवा विश्लेषण और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के आधुनिक अनुप्रयोगों पर पांच दिवसीय संकाय विकास कार्यक्रम (FDP) का शुक्रवार को उद्घाटन हुआ। कंप्यूटर विज्ञान एवं अभियांत्रिकी विभाग की ओर से आयोजित यह कार्यक्रम 9 से 13 अक्टूबर तक चलेगा। इसमें संकाय सदस्यों और शोधकर्ताओं को हेल्थकेयर क्षेत्र में AI तकनीकों के उपयोग, मशीन लर्निंग, डीप लर्निंग और मेडिकल इमेज प्रोसेसिंग का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईसीटी अकादमी, पीडीपीएम आईआईआईटीडीएम जबलपुर के सहयोग से आयोजित यह कार्यक्रम भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) की पहल के अंतर्गत हो रहा है। कार्यक्रम का विषय ‘स्वास्थ्य सेवा विश्लेषण एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता: वर्तमान अनुप्रयोग एवं भविष्य की संभावनाएं’ है।
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CSIR-NML के वैज्ञानिक डॉ. विकास सी. श्रीवास्तव मुख्य अतिथि
उद्घाटन समारोह में CSIR-राष्ट्रीय धातुकर्म प्रयोगशाला (NML), जमशेदपुर के वैज्ञानिक ‘जी’ डॉ. विकास सी. श्रीवास्तव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर NIT जमशेदपुर के निदेशक प्रो. गौतम सूत्रधार, डीन (आरएंडसी) प्रो. सतीश कुमार, प्रभारी कुलसचिव प्रो. सरोज कुमार सारंगी और कंप्यूटर विज्ञान एवं अभियांत्रिकी विभागाध्यक्ष डॉ. दिलीप कुमार शॉ उपस्थित रहे।
समारोह में संस्थान के संकाय सदस्यों, आमंत्रित विशेषज्ञों और कार्यक्रम के प्रतिभागियों ने भी हिस्सा लिया।
मशीन लर्निंग से मेडिकल इमेजिंग तक मिलेगा प्रशिक्षण
पांच दिवसीय कार्यक्रम में कुल 40 घंटे के सैद्धांतिक व्याख्यान और व्यावहारिक प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जाएंगे। इसमें स्वास्थ्य सेवा विश्लेषण, मशीन लर्निंग, डीप लर्निंग, मेडिकल इमेज प्रोसेसिंग और इंटरनेट ऑफ मेडिकल थिंग्स (IoMT) जैसे विषयों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों और शोधकर्ताओं को स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र की चुनौतियों के समाधान के लिए AI आधारित तकनीकों के इस्तेमाल का ज्ञान और व्यावहारिक कौशल प्रदान करना है। इससे स्वास्थ्य संबंधी आंकड़ों के विश्लेषण, चिकित्सा इमेजिंग और तकनीक आधारित समाधानों पर शोध को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।
IIT, IIIT और अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के विशेषज्ञ साझा करेंगे अनुभव
कार्यक्रम में देश-विदेश के प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों, अनुसंधान संगठनों और उद्योग जगत के विशेषज्ञ अपने अनुभव साझा करेंगे। इनमें IIT (ISM) धनबाद के प्रो. प्रशांत के. जाना, IIITDM जबलपुर की प्रो. अपराजिता ओझा, IIIT इलाहाबाद के प्रो. शेखर वर्मा, IIT पटना की डॉ. सृपर्णा साहा और डॉ. रंजीत रंजन झा तथा NIT गोवा के डॉ. दामोदर रेड्डी एडला शामिल हैं।
इसके अलावा ब्रिटेन की कार्डिफ मेट्रोपॉलिटन यूनिवर्सिटी के डॉ. संदीप सिंह सेंगर, यम ब्रांड्स के डॉ. राकेश कुमार यादव और एक्सेंचर के डॉ. अभिषेक सिंह भी विशेषज्ञ के रूप में अपनी जानकारी साझा करेंगे।
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शिक्षा, उद्योग और अनुसंधान के बीच सहयोग पर जोर
इस FDP का एक प्रमुख उद्देश्य शिक्षा जगत और उद्योग के बीच सहयोग मजबूत करना तथा अंतर्विषयक अनुसंधान को बढ़ावा देना है। कार्यक्रम के माध्यम से प्रतिभागियों को नए शोध अवसरों की पहचान करने, तकनीकी विशेषज्ञों के साथ विचारों का आदान-प्रदान करने और स्वास्थ्य सेवा में AI आधारित समाधान विकसित करने का अवसर मिलेगा।
कार्यक्रम का समन्वय NIT जमशेदपुर के डॉ. दिवाकर त्रिपाठी और IIITDM जबलपुर के डॉ. रंजीत के. रंजन कर रहे हैं।
इस पहल के जरिए NIT जमशेदपुर ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता और स्वास्थ्य प्रौद्योगिकी के उभरते क्षेत्रों में संकाय क्षमता निर्माण, शैक्षणिक उत्कृष्टता और नवाचार को बढ़ावा देने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।

