
जमशेदपुर। सिंहभूम चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (एससीसीई) के अधिवक्ता एवं उपाध्यक्ष राजीव अग्रवाल तथा अधिवक्ता एवं सचिव अंशुल रिंगसिया ने 57वीं जीएसटी परिषद बैठक में लिए गये प्रमुख सिफारिशों का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित बदलाव ईमानदार करदाताओं को राहत देने, अनावश्यक मुकदमेबाजी कम करने, अनुपालन प्रक्रिया को सरल बनाने और व्यवसायों के नकदी प्रवाह में सुधार करने में सहायक हो सकते हैं।
इस बैठक में जीएसटी दरों में कोई सामान्य बदलाव प्रस्तावित नहीं किया गया है। शुक्रवार को राजीव और अंशुल द्धारा संयुक्त रूप से जारी प्रेस विज्ञाप्ति के अनुसार प्रमुख प्रस्तावित बदलाव में जुर्माने और अभियोजन में कमी, वास्तविक मामलों में राहत, इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) का विस्तार, जीएसटी रिफंड में तेजी, जीएसटी पंजीकरण और रिटर्न प्रक्रिया का सरलीकरण, माल परिवहन में राहत और महत्वपूर्ण अनुपालन परिवर्तन आदि शामिल है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ये सिफारिशें हैं, तत्काल लागू कानून नहीं हैं। उन्होंने कहा कि यदि ये प्रस्ताव लागू होते हैं, तो जीएसटी प्रशासन अधिक पारदर्शी और व्यापार-अनुकूल बन सकता है तथा व्यापारियों और उद्योगों पर अनुपालन का बोझ कम हो सकता है। उन्होंने व्यवसायों को सलाह दी कि अंतिम अधिसूचनाएं जारी होने से पहले वे अपने लेखा सॉफ्टवेयर, अनुबंधों, विक्रेता रिकॉर्ड, आईटीसी दस्तावेजों और आंतरिक जीएसटी नियंत्रणों की समीक्षा कर लें, ताकि बदलाव लागू होने के बाद उन्हें सुचारु रूप से अपनाया जा सके।
इससे संबंधित अधिसूचनाएं या कानूनी संशोधन लागू होने तक व्यवसायों को वर्तमान जीएसटी प्रावधानों का पालन जारी रखना चाहिए। अंतिम प्रभावी तिथि, पात्रता शर्तें, फॉर्म, प्रक्रिया और दस्तावेजी आवश्यकताएं सरकार द्वारा जारी अंतिम अधिसूचनाओं, परिपत्रों और संशोधनों पर निर्भर करेंगी। सिंहभूम चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री व्यापारिक समुदाय की चिंताओं को उठाने और एक निष्पक्ष, सरल एवं पारदर्शी जीएसटी प्रणाली के समर्थन के लिए प्रतिबद्ध है।

