
जमशेदपुर,
पूर्वी सिंहभूम जिले के पोटका प्रखंड में मलेरिया के बढ़ते मामलों को देखते हुए प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने संयुक्त रूप से जागरूकता अभियान तेज कर दिया है। शनिवार को पोटका प्रखंड सभागार में अंचल अधिकारी निकिता बाला की अध्यक्षता में सभी ग्राम प्रधानों के साथ मलेरिया उन्मूलन एवं नियंत्रण को लेकर विशेष बैठक आयोजित की गई। बैठक में ग्रामीण क्षेत्रों में जनभागीदारी बढ़ाकर मलेरिया पर प्रभावी नियंत्रण के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।


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‘मलेरिया उन्मूलन में सभी की भागीदारी जरूरी’
बैठक को संबोधित करते हुए अंचल अधिकारी निकिता बाला ने कहा कि मलेरिया जैसी संक्रामक बीमारी पर नियंत्रण केवल स्वास्थ्य विभाग के प्रयासों से संभव नहीं है, बल्कि इसमें प्रत्येक ग्रामीण, जनप्रतिनिधि और ग्राम प्रधान की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने सभी ग्राम प्रधानों से गांव-गांव में जागरूकता अभियान चलाने, डुगडुगी, नुक्कड़ नाटक और प्रचार वाहनों के माध्यम से लोगों को मलेरिया से बचाव के प्रति जागरूक करने की अपील की।
उन्होंने यह भी कहा कि जिन मरीजों का मलेरिया का इलाज चल रहा है, उनकी नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए ताकि उपचार बीच में न छूटे।
बुखार या ठंड लगने पर तुरंत स्वास्थ्य केंद्र से करें संपर्क
जिला वीबीडी पदाधिकारी डॉ. मृत्युंजय धावड़िया ने सभी ग्राम प्रधानों का स्वागत करते हुए कहा कि मलेरिया के नियंत्रण के लिए सामुदायिक सहयोग बेहद आवश्यक है। उन्होंने मलेरिया के प्रमुख लक्षणों और बचाव के उपायों की विस्तृत जानकारी दी।
उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि किसी व्यक्ति को बुखार, ठंड लगना या कंपकंपी महसूस हो तो वह तुरंत अपने सहिया, आशा कार्यकर्ता या नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करे। बिना चिकित्सकीय सलाह के दवा लेने से बचने की भी सलाह दी गई।
मच्छरदानी, साफ-सफाई और पानी का जमाव रोकने पर दिया गया जोर
स्वास्थ्य विभाग ने मलेरिया से बचाव के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए। इनमें पूरी बांह के कपड़े पहनना, घर और आसपास पानी जमा नहीं होने देना, खिड़की-दरवाजों पर जाली लगाना तथा नियमित रूप से मच्छरदानी का उपयोग करना शामिल है।
बैठक में यह भी कहा गया कि स्वास्थ्य सेवाओं का उद्देश्य केवल इलाज उपलब्ध कराना नहीं बल्कि लोगों में भरोसा, आसान पहुंच और समय पर उपचार सुनिश्चित करना भी है। उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग कर स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक पारदर्शी, उत्तरदायी और जनोन्मुख बनाने पर बल दिया गया।
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बैठक में कई स्वास्थ्य अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. सुकांत सीट, जिला महामारी रोग विशेषज्ञ डॉ. असद, जिला कुष्ठ परामर्शी डॉ. राजीव लोचन महतो, डीपीसी हाकिम प्रधान, डीएएफ किशोरी मार्डी, बीएएफ टुकटुकी मंडल, टुनु रानी मंडल, बधाई मुर्मू, धर्मपाल मंडल तथा पोटका प्रखंड के सभी ग्राम प्रधान उपस्थित रहे।



