जमशेदपुर : पोटका प्रखंड के पावरू (हाता) स्थित स्वयंसेवी संस्था द्वारा संचालित करुणा सेचेन क्लिनिक में चल रहे गोरखधंधे और नियमों की अनदेखी का बड़ा खुलासा हुआ है। सोमवार को स्थानीय विधायक संजीव सरदार ने जब क्लिनिक का औचक निरीक्षण किया, तो वहां की बदहाली और मनमानी देखकर उनका पारा चढ़ गया। विधायक ने पाया कि अस्पताल में न केवल मेडिकल एथिक्स की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं, बल्कि महिला मरीजों की गरिमा के साथ भी खिलवाड़ हो रहा है।
महिला मरीज की फिजियोथेरेपी और एक्सरे कर रहा था पुरुष कर्मी
निरीक्षण के दौरान सबसे चौंकाने वाला मामला तब सामने आया जब विधायक ने देखा कि एक महिला मरीज, मौसमी मंडल, की फिजियोथेरेपी एक पुरुष कर्मी द्वारा की जा रही थी। इतना ही नहीं, महिलाओं का एक्सरे भी पुरुष कर्मियों द्वारा ही किया जा रहा था। इस पर विधायक संजीव सरदार भड़क उठे और प्रबंधन को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि महिलाओं की अस्मिता और निजता से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नियमों के अनुसार, महिला मरीजों के लिए महिला स्टाफ का होना अनिवार्य है, लेकिन यहाँ इसे पूरी तरह नजरअंदाज किया गया।
अस्पताल से डॉक्टर नदारद, बाहरी कर्मियों का बोलबाला
विधायक जब क्लिनिक पहुंचे, तो वहां एक भी डॉक्टर मौजूद नहीं मिला। ड्यूटी से डॉक्टरों की अनुपस्थिति मरीजों के जीवन के साथ सीधा खिलवाड़ है। इसके अलावा, प्रबंधन स्टाफ की सूची तक उपलब्ध नहीं करा सका। पूछताछ में पता चला कि क्लिनिक के 40 कर्मचारियों में से केवल 8 ही स्थानीय हैं, जबकि बाकी बाहरी राज्यों से हैं। स्थानीय मजदूरों को सरकार द्वारा निर्धारित मानकों से कम मजदूरी दी जा रही है और उन्हें पीएफ (PF) व ईएसआई (ESI) जैसी बुनियादी सुविधाओं से भी वंचित रखा गया है।
फ्री इलाज के नाम पर वसूली और विदेशी फंड का दुरुपयोग
विधायक ने आरोप लगाया कि संस्था को विदेशी फंड मिलता है, जिसका इस्तेमाल जनसेवा के बजाय निजी लाभ के लिए हो रहा है। ग्रामीणों ने शिकायत की थी कि निःशुल्क इलाज के नाम पर यहां मोटी रकम वसूली जा रही है। संस्था कागजों पर महिलाओं को टेलरिंग, निटिंग और कृषि प्रशिक्षण देने का दावा करती है, लेकिन धरातल पर ऐसी कोई गतिविधि नहीं पाई गई। विधायक ने स्पष्ट कहा कि यह विदेशी फंड के गबन और धोखाधड़ी का मामला प्रतीत होता है।
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सिविल सर्जन को जांच और कार्रवाई के कड़े निर्देश
मामले की गंभीरता को देखते हुए संजीव सरदार ने तत्काल पूर्वी सिंहभूम के सिविल सर्जन डॉ. साहिर पाल को फोन किया। उन्होंने निर्देश दिया कि एक विशेष टीम गठित कर क्लिनिक के दस्तावेजों और गतिविधियों की गहन जांच की जाए। विधायक ने कहा, “जनता के स्वास्थ्य और सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने वाली संस्थाओं पर ताला लगना चाहिए। हम पूरी पारदर्शिता के साथ जांच रिपोर्ट चाहते हैं और दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।”




