रांची. राजधानी रांची को जाम मुक्त बनाने और सुगम यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कड़ा रुख अपनाया है। सोमवार को झारखंड मंत्रालय में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री ने रांची के प्रमुख फ्लाईओवर प्रोजेक्ट्स की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को दो टूक कहा कि विकास कार्यों में देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और भू-अर्जन (Land Acquisition) से संबंधित सभी बाधाओं को जल्द से जल्द दूर किया जाए।
सिरमटोली से कांटाटोली फ्लाईओवर: भू-अर्जन में तेजी लाने का आदेश
बैठक के दौरान पथ निर्माण विभाग के अधिकारियों ने सिरमटोली से कांटाटोली को जोड़ने वाले कनेक्टिंग फ्लाईओवर के कार्य की प्रगति पर पावरप्वाइंट प्रेजेंटेशन दिया। मुख्यमंत्री ने प्रोजेक्ट की बिंदुवार समीक्षा की और निर्देश दिया कि जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया को अविलंब पूरा करें ताकि निर्माण कार्य की गति बढ़ सके। यह फ्लाईओवर रांची की लाइफलाइन माना जा रहा है, जिससे स्टेशन से कांटाटोली की दूरी मिनटों में तय होगी।
करम टोली से साइंस सिटी फ्लाईओवर पर भी चर्चा
प्रस्तावित करम टोली से साइंस सिटी (चिरौंदी) फ्लाईओवर निर्माण योजना को लेकर भी मुख्यमंत्री और अधिकारियों के बीच विस्तृत चर्चा हुई। इस नए फ्लाईओवर के बन जाने से मोरहाबादी और बरियातू क्षेत्र के ट्रैफिक का बोझ काफी कम हो जाएगा। मुख्यमंत्री ने इस संबंध में अधिकारियों को आधुनिक तकनीक और बेहतर प्लानिंग के साथ काम करने के महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए।
सड़कों पर अनावश्यक ‘कट’ होंगे बंद: ट्रैफिक सुधार का नया प्लान
शहर की यातायात व्यवस्था को सुधारने के लिए मुख्यमंत्री ने एक व्यावहारिक सुझाव दिया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि रांची की सड़कों पर डिवाइडर के बीच कई अनावश्यक कट्स (Cuts) हैं, जो दुर्घटनाओं और ट्रैफिक जाम का बड़ा कारण बनते हैं। मुख्यमंत्री ने इन अनावश्यक कट्स को तत्काल चिन्हित कर बंद करने का निर्देश दिया, ताकि वाहनों का प्रवाह सुचारू बना रहे।
गुणवत्ता और समय सीमा पर जोर
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि रांचीवासियों को बेहतर ट्रैफिक व्यवस्था प्रदान करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास इस तरह होना चाहिए कि वह आने वाले कई दशकों की जरूरतों को पूरा कर सके।
बैठक में इनकी रही मौजूदगी: इस बैठक में पथ निर्माण विभाग के प्रधान सचिव सुनील कुमार, अभियंता प्रमुख प्रवीण जयंत भेंगरा, मुख्य अभियंता विजय रंजन और उप सचिव प्रबंधन विक्रम प्रताप सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
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