
जमशेदपुर: पर्यावरण संरक्षण, जलवायु संकट और औद्योगिक विकास के बीच संतुलन बनाने की दिशा में आर.वी.एस. कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी में एक दिवसीय भव्य सेमिनार का आयोजन किया गया। “सस्टेनेबिलिटी क्लाइमेट क्राइसीस एण्ड नेट-जीरो इण्डस्ट्रीयल ग्रोथ: इनोवेशनस एण्ड सोल्यूसन्स फॉर ए रेजीलिएण्ट फ्युचर” विषय पर आधारित इस कार्यक्रम में उद्योग जगत और शिक्षा क्षेत्र के कई दिग्गज एक मंच पर एकत्र हुए। आरएसबी ग्लोबल के प्रायोजन और एपेक्स ऑटो के सह-प्रायोजन से आयोजित इस सेमिनार का मुख्य उद्देश्य छात्रों और शोधकर्ताओं को आधुनिक तकनीकों और सतत विकास के प्रति जागरूक करना था।


तकनीक और कौशल विकास से ही संभव है विकसित भारत का सपना
कुलपति के विचार: कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए झारखंड यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी, रांची के कुलपति प्रो. डी.के. सिंह ने कहा कि भारत के समग्र विकास के लिए टेक्नोलॉजी का वृहद प्रयोग करना होगा। उन्होंने जोर दिया कि कल के विकसित भारत के निर्माण के लिए इनोवेशन और कौशल विकास पर समुचित ध्यान देना आवश्यक है। उन्होंने एकेडमिया (शिक्षण संस्थानों) और उद्योग जगत के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की बात कही।
टाटा स्टील के सौरभ कुंडु का संबोधन: विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित टाटा स्टील लिमिटेड के कॉन्वेंटर श्री सौरभ कुंडु ने कहा कि 2047 तक भारत के विकसित राष्ट्र बनने के सपने को पूरा करने के लिए हमें रिन्यूएवल एनर्जी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसे क्षेत्रों में गंभीरता से आगे बढ़ना होगा।
तीन सत्रों में हुए महत्वपूर्ण पैनल डिस्कशन
उद्घाटन सत्र के बाद कार्यक्रम में विभिन्न ज्वलंत विषयों पर तीन अलग-अलग पैनल डिस्कशन आयोजित किए गए, जिनका संचालन सुश्री शिप्रा सिंह और श्री अरिन्दम घोष ने किया:
पहला पैनल (ह्यूमन वैल्यूज एज द फाउंडेशन ऑफ सस्टेनेबिलिटी): इसमें आरएसबी, जुझार ऑटो, बेरी एलॉयज और टाटा मोटर्स के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
दूसरा पैनल (ग्रीन इनोवेशन एंड सस्टेनेबिलिटी): एपेक्स ऑटो, क्योसरा, डालमिया सीमेंट और बीएमडब्ल्यू के विशेषज्ञों ने पर्यावरण अनुकूल नवाचारों पर अपने विचार रखे।
तीसरा पैनल (इन्नोवेटिव एंड रेजिलिएंट सॉल्यूशंस फॉर कॉम्बेटिंग क्लाइमेट Change): इसमें फिल्टगार्ड फिल्टर्स, रामकृष्ण फोर्जिंग्स और अल्ट्राटेक सीमेंट के प्रतिनिधियों ने जलवायु परिवर्तन से निपटने के उपायों पर चर्चा की।
छात्रों के सस्टेनेबल मॉडल्स ने खींचा ध्यान
सेमिनार के दौरान कॉलेज के विद्यार्थियों द्वारा सस्टेनेबल एनर्जी की थीम पर आधारित कई शानदार मॉडल बनाकर प्रदर्शित किए गए। इन मॉडलों में वाटर कन्वर्सेशन, जेटा पावर (सोलर), स्मार्ट वाटर लीकेज डिटेक्शन, स्मार्ट इरिगेशन सिस्टम, रिन्यूएबल एनर्जी, स्मार्ट इण्डस्ट्रीयल पॉल्यूशन ट्रैकर, वेस्ट एक्सट्रैक्टिंग सिस्टम और डिजास्टर कंट्रोल जैसे इनोवेटिव प्रोजेक्ट्स शामिल रहे, जिनकी अतिथियों ने जमकर सराहना की।
इस सफल आयोजन में आरवीएस एजुकेशनल ट्रस्ट के चेयरमैन बिंदा सिंह, निदेशक शत्रुघ्न सिंह, शासी निकाय सदस्य शक्ति सिंह, प्राचार्य प्रो. डॉ. राजेश कुमार तिवारी, टीएंडपी हेड डॉ. विक्रम शर्मा समेत अन्य गणमान्य लोग और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।




