जमशेदपुर: लौहनगरी जमशेदपुर के गोविंदपुर इलाके में बुधवार को उस वक्त अफरा-तफरी और भारी परेशानी का माहौल बन गया, जब एक लंबी मालगाड़ी रेलवे फाटक के ठीक बीचो-बीच आकर रुक गई। इस कारण गोविंदपुर रेलवे क्रॉसिंग का फाटक काफी देर तक बंद रहा। अप्रैल महीने की शुरुआत के साथ ही पड़ रही भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप के बीच सड़क के दोनों ओर गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे आम जनता को भारी फजीहत का सामना करना पड़ा।
चिलचिलाती धूप में उबले राहगीर, वाहनों का लगा लंबा जाम
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जब मालगाड़ी अचानक गोविंदपुर रेलवे फाटक पर रुकी, तो किसी को अंदाजा नहीं था कि यह इतनी देर तक खड़ी रहेगी। समय बीतने के साथ-साथ आसमान से बरसती आग और तेज धूप ने लोगों का हाल बेहाल कर दिया। फाटक के दोनों ओर दोपहिया, तिपहिया और चारपहिया वाहनों के साथ-साथ पैदल राहगीरों की भारी भीड़ जमा हो गई। चिलचिलाती धूप में बिना किसी छांव के खड़े रहने को मजबूर लोगों के पसीने छूट गए। खासकर महिलाओं, छोटे बच्चों और बुजुर्गों को इस उमस भरी गर्मी में सबसे ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
जरूरी कामों में हुई देरी, घंटों थमा रहा आवागमन
रेलवे फाटक बंद होने की वजह से गोविंदपुर और आसपास के इलाकों को जोड़ने वाले इस मुख्य मार्ग पर यातायात पूरी तरह से ठप हो गया। कई लोग अपने दफ्तर, अस्पताल, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों या अन्य जरूरी एवं आपातकालीन कार्यों से निकले थे, लेकिन फाटक के नहीं खुलने से वे बीच रास्ते में ही फंस गए। समय पर अपनी मंजिल तक न पहुंच पाने की वजह से लोगों के चेहरे पर हताशा और रेलवे की इस व्यवस्था के प्रति गहरी नाराजगी साफ देखी जा सकती थी। घंटों तक गाड़ियों के हॉर्न की आवाज़ें और लोगों की बेचैनी इलाके में गूंजती रही।
रेलवे प्रशासन की लापरवाही पर फूटा स्थानीय लोगों का आक्रोश
फाटक पर मालगाड़ी के इस तरह से बेतरतीब ढंग से खड़े होने को लेकर स्थानीय लोगों में रेलवे प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश देखने को मिला। धूप में पसीने से लथपथ राहगीरों का कहना था कि यह कोई पहला मौका नहीं है जब कोई मालगाड़ी फाटक को जाम कर खड़ी हो गई हो। अक्सर रेलवे की इस तरह की लचर व्यवस्था का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ता है। लोगों का कहना था कि बिना किसी पूर्व सूचना के इस तरह घंटों फाटक बंद रहने से आपातकालीन सेवाओं जैसे एंबुलेंस आदि के भी फंसने का खतरा बना रहता है, जो किसी की जान पर भी भारी पड़ सकता है।
स्थायी समाधान की उठी मांग, ओवरब्रिज निर्माण की जरूरत
इस भयंकर परेशानी के बाद स्थानीय निवासियों और राहगीरों ने रेलवे विभाग (दक्षिण पूर्व रेलवे) से इस गंभीर समस्या का स्थायी समाधान निकालने की पुरजोर मांग की है। लोगों की मांग है कि मालगाड़ियों को इस तरह रिहायशी इलाकों के फाटक के बीच में रोकने के बजाय आउटर सिग्नल या स्टेशन के पास रोका जाए, ताकि आम यातायात बाधित न हो।
इसके अलावा, बढ़ती आबादी और ट्रैफिक के अत्यधिक दबाव को देखते हुए गोविंदपुर फाटक पर ओवरब्रिज (Overbridge) या अंडरपास के निर्माण की भी लंबे समय से मांग उठ रही है। स्थानीय लोगों ने कहा कि रेलवे को इस दिशा में गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में लोगों को ऐसी अमानवीय स्थिति और चिलचिलाती धूप में घुटने से बचाया जा सके।
(रिपोर्ट: आनंद किशोर / बिहार झारखंड न्यूज़ नेटवर्क)




