
जमशेदपुर: उत्कल एसोसिएशन, जमशेदपुर के महासचिव तरुण कुमार मोहंती ने उनके खिलाफ लगाए जा रहे सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने इन आरोपों को पूरी तरह से निराधार, असत्य और भ्रामक बताते हुए कहा है कि संस्था के सभी निर्णय लोकतांत्रिक प्रक्रिया, पारदर्शिता और सामूहिक सहमति के आधार पर लिए गए हैं। तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश करना संस्था की गरिमा और लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।


कार्यकारिणी बैठक और मुख्य संरक्षक की उपस्थिति का दिया हवाला
अपने बचाव और स्थिति को स्पष्ट करते हुए महासचिव ने बताया कि 31 मई 2026 को एसोसिएशन की कार्यकारिणी समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक में 18 कार्यकारिणी सदस्य, वरिष्ठ ट्रस्टी मनोरंजन दास और मुख्य संरक्षक शुभेन्द्र कुमार बेहरा (विशेष आमंत्रित सदस्य एवं निष्पक्ष साक्षी के रूप में) उपस्थित थे। बैठक में संस्था से जुड़े सभी मुद्दों पर विस्तारपूर्वक चर्चा और गहन विचार-विमर्श किया गया था।
सर्वसम्मति से लिए गए थे ये अहम फैसले:
विस्तृत चर्चा के बाद सर्वसम्मति और उपस्थित सदस्यों के संयुक्त हस्ताक्षरों के साथ निम्नलिखित महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए थे, जिन्हें साधारण सभा (AGM) के समक्ष अनुमोदन के लिए रखा गया था:
चुनाव की तिथि: उत्कल एसोसिएशन का चुनाव 09 अगस्त 2026 को आयोजित करने का सर्वसम्मत निर्णय लिया गया।
प्रस्तावों का अनुमोदन: बैठक में उपस्थित ट्रस्टियों और मुख्य संरक्षक ने अपने संयुक्त हस्ताक्षरों के साथ उक्त निर्णयों का विधिवत अनुमोदन किया था।
109 नए सदस्यों का वोटिंग राइट: 28 जून 2026 को आयोजित साधारण सभा में उपस्थित सदस्यों के भारी बहुमत से 109 नए सदस्यों को आगामी चुनाव में भाग लेने और मतदान करने का अधिकार प्रदान करने का प्रस्ताव विधिवत तरीके से पारित किया गया था।
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सदस्यों से की अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील
तरुण कुमार मोहंती ने स्पष्ट किया कि 109 नए सदस्यों को वोटिंग का अधिकार देने समेत सभी निर्णय संस्था के संविधान और निर्धारित प्रक्रियाओं के तहत ही लिए गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोगों द्वारा तथ्यों को तोड़-मरोड़कर सम्मानित सदस्यों को भ्रमित करने का अनुचित प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने उत्कल एसोसिएशन के सभी सम्मानित सदस्यों से विनम्र अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल प्रमाणित तथ्यों एवं आधिकारिक अभिलेखों पर ही विश्वास करें। उन्होंने सदस्यों से संस्था की गरिमा, एकता, पारदर्शिता और लोकतांत्रिक परंपराओं को सुदृढ़ बनाए रखने में सहयोग का आह्वान किया है।


