Anni Amrita
जमशेदपुर.
बिरसानगर जोन नंबर 8 की रहने वाली रितु कुमारी आज अपने क्षेत्र में डिजिटल साक्षरता की मिसाल बन चुकी हैं. ए.बी.एम. कॉलेज से बी.ए. की पढ़ाई कर रहीं रितु ने अपने समुदाय में कंप्यूटर को लेकर मौजूद डर और झिझक को दूर करने का बीड़ा उठाया है. खासकर महिलाओं और लड़कियों के बीच डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देकर वह उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम कर रही हैं.
समुदाय में डर से शुरुआत
रितु बताती हैं कि उनके इलाके में कंप्यूटर को लेकर लोगों के मन में काफी डर था. खासकर लड़कियों को लगता था कि यह उनके लिए नहीं है. इसी सोच ने रितु को प्रेरित किया कि वह इस मानसिकता को बदलें और लोगों को डिजिटल दुनिया से जोड़ें.
Adir Fellowship से मिली नई दिशा
रितु को सौविक साहा के नेतृत्व में संचालित People for Change की पहल Adir Fellowship से जुड़ने का अवसर मिला. इस फेलोशिप का उद्देश्य 18 से 25 वर्ष के युवाओं को नेतृत्व के लिए तैयार करना है. हर साल 20 युवाओं का चयन किया जाता है, जिन्हें प्रशिक्षण देकर सामाजिक बदलाव के लिए तैयार किया जाता है. रितु भी उन्हीं चयनित युवाओं में शामिल हैं और अपने क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं.
कंप्यूटर क्लासेस से बदलाव की शुरुआत
फेलोशिप से मिली सीख को आधार बनाकर रितु ने अपने क्षेत्र में कंप्यूटर क्लासेस और डिजिटल लिटरेसी प्रोजेक्ट की शुरुआत की. शुरुआत आसान नहीं थी, लोग कम आते थे और आत्मविश्वास की भी कमी थी. लेकिन रितु ने सिखाने का तरीका बदला और गेम्स व इंटरैक्टिव माध्यमों को अपनाया. इससे सीखने का माहौल आसान और दिलचस्प बन गया.
120 से अधिक लोगों तक पहुंच
रितु अब तक 38 से अधिक क्लासेस आयोजित कर चुकी हैं और 120 से ज्यादा लोगों को डिजिटल शिक्षा से जोड़ चुकी हैं. इन क्लासेस में Word, Excel, PowerPoint, Canva, AI और इंटरनेट के सही उपयोग की जानकारी दी जाती है, ताकि लोग रोजगार के लिए भी तैयार किए जा सकें.
सहयोग और टीम की भूमिका
इस पहल को सफल बनाने में Project Shiksha के तहत उन्हें लैपटॉप और अन्य संसाधनों का सहयोग मिला. साथ ही, उनके मेंटर्स और चेंजमेकर्स की टीम ने भी इस काम को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.
तीन स्तर पर दिखा प्रभाव
रितु के इस प्रयास का असर तीन स्तरों पर साफ दिखाई देता है—व्यक्तिगत स्तर पर- रितु अब आत्मविश्वास के साथ लोगों को सिखा रही हैं.टीम स्तर पर- चेंजमेकर्स भी अब नेतृत्व की भूमिका निभा रहे हैं.समुदाय स्तर पर- लोग अब कंप्यूटर से डरने के बजाय सीखने के लिए आगे आ रहे हैं, खासकर महिलाएं काफी उत्साह के साथ आगे बढ़कर इस क्लास में भाग ले रही हैं. सीखने की उनकी लगन देखते ही बनती है. ज्यादातर महिलाओं ने बताया कि अब उनके आत्मविश्वास में काफी बढ़ोतरी हुई है.आगे की योजनारितु का लक्ष्य है कि वह इन क्लासेस को और बड़े स्तर पर ले जाएं, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग डिजिटल रूप से सशक्त बन सकें और रोजगार के अवसर प्राप्त कर सकें.
युवाओं के लिए संदेश
रितु का मानना है कि बदलाव सामूहिक प्रयास से ही संभव है. वह कहती हैं,“बदलाव कोई और नहीं लाएगा… बदलाव हम युवा ही लाएंगे.”




