
जमशेदपुर।
धर्मरक्षिणी पौरोहित्य महासंघ के 13वें स्थापना दिवस के आयोजन को लेकर शुक्रवार को वेद अध्ययन अनुशीलन केंद्र में महासंघ के आचार्यों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि महासंघ का स्थापना दिवस समारोह 17 जनवरी 2026 (शनिवार) को भव्य एवं गरिमामय रूप से मनाया जाएगा।
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बैठक की शुरुआत स्वस्तिवाचन एवं मंगल पाठ के साथ हुई, जिसके बाद स्थापना दिवस समारोह की रूपरेखा, आयोजन की तैयारियों और सहभागिता को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। सभी आचार्यों ने आयोजन को ऐतिहासिक और प्रेरणादायी बनाने पर सहमति जताई।
बैठक के दौरान बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार और हाल के दिनों में एक हिंदू युवक की हत्या का भी उल्लेख किया गया। इस दुखद घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए दिवंगत युवक को श्रद्धांजलि अर्पित की गई और उनकी आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा गया।
महासंघ के अध्यक्ष पं. बिपीन कुमार झा एवं महासंघ सचिव उमेश कुमार तिवारी ने बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार की कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की घटनाएं मानवता के लिए शर्मनाक हैं और सरकार से हिंदुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि धर्म और संस्कृति की रक्षा के लिए संगठित प्रयास आज की आवश्यकता है।
बैठक में उपस्थित आचार्यों ने एकजुट होकर धर्मरक्षा, सामाजिक चेतना और सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण के लिए निरंतर कार्य करने का संकल्प लिया।
इस बैठक में प्रमुख रूप से पं. दिलीप पाण्डेय, पं. मुन्ना पाण्डेय, पं. आनंद पाण्डेय, पं. मोहन शास्त्री, पं. एन. के. पाण्डेय, पं. राजकुमार मिश्र, पं. शिवशक्ति झा, पं. परशुराम पाण्डेय, पं. चंद्रकांत झा, पं. कुमुद झा, पं. हर्ष पाण्डेय सहित शहर के अनेक गणमान्य आचार्यगण उपस्थित रहे।


