जमशेदपुर: जिले में विकास कार्यों को गति देने और सरकारी कामकाज में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त (DC) कर्ण सत्यार्थी ने अधिकारियों के पेंच कसे हैं। बुधवार को समाहरणालय सभागार में उपायुक्त की अध्यक्षता में एक हाई-लेवल समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई।
इस महत्वपूर्ण बैठक में राजस्व संग्रहण, भू-अर्जन (Land Acquisition), नीलाम पत्र, सरकारी तथा डीम्ड लीज भूमि पर अतिक्रमण (Encroachment) जैसे गंभीर मुद्दों पर बिंदुवार समीक्षा की गई। उपायुक्त ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि वे पिछले वित्तीय वर्ष की कमियों से सबक लें और इस वर्ष शुरू से ही एक ठोस कार्ययोजना बनाकर काम करें, ताकि वित्तीय वर्ष के अंत में राजस्व प्राप्ति का अतिरिक्त दबाव न पड़े।
राजस्व वसूली में कई विभागों का शानदार प्रदर्शन, उत्पाद और परिवहन आगे
सभी विभागों के राजस्व संग्रहण की समीक्षा के दौरान यह बात सामने आई कि पिछले वर्ष की तुलना में लगभग सभी विभागों ने बेहतर प्रदर्शन किया है। कई विभागों ने अपने लक्ष्य का 100 प्रतिशत से भी अधिक राजस्व प्राप्त किया है।
आंकड़ों पर गौर करें तो उत्पाद विभाग (Excise) ने 119.50%, सब रजिस्ट्रार घाटशिला ने 124.25%, परिवहन कार्यालय ने 125.19%, और कृषि कार्यालय ने 167% राजस्व वसूला है। वहीं मानगो, जमशेदपुर और घाटशिला विद्युत प्रमंडलों ने भी अपने लक्ष्य से काफी अधिक (130-140% तक) राजस्व प्राप्त किया है। नगर निकायों में जेएनएसी (JNAC) ने 91.72%, मानगो नगर निगम ने 98.98% और जुगसलाई नगर परिषद ने 96.49% की वसूली की है।
अतिक्रमण पर कसेगा शिकंजा, जेएनएसी को बस स्टैंड टेंडर का निर्देश
बैठक में सरकारी जमीन और डीम्ड लीज भूमि (Deemed Lease Land) पर हो रहे अतिक्रमण को लेकर उपायुक्त ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने उच्च न्यायालय के आदेशों का सख्ती से पालन करते हुए अतिक्रमणकारियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।इसके साथ ही डीसी ने कई विशिष्ट निर्देश भी जारी किए:
जेएनएसी (JNAC): उप नगर आयुक्त को बस स्टैंड के लिए जल्द से जल्द टेंडर प्रक्रिया शुरू कराने का निर्देश दिया गया।
परिवहन विभाग: जिला परिवहन पदाधिकारी (DTO) को गालूडीह में संचालित वाहनों के फिटनेस जांच केंद्र का नियमित औचक निरीक्षण करने को कहा गया।
मत्स्य विभाग: गालूडीह में सरकारी तालाब पर अतिक्रमण की मिली शिकायत की तुरंत जांच करने का आदेश दिया गया।
भू-अर्जन मुआवजा भुगतान में लाएं तेजी, म्यूटेशन न हो लंबित
जमीन से जुड़े मामलों की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने कहा कि जमीन की खरीद-बिक्री, म्यूटेशन (दाखिल-खारिज), भूमि सीमांकन और लगान रसीद काटने के आवेदनों का निष्पादन तय समयसीमा के भीतर हर हाल में होना चाहिए।
उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) और राजकीय राजमार्ग परियोजनाओं के तहत अधिग्रहित की गई भूमि के रैयतों को लंबित मुआवजा राशि का भुगतान आपसी समन्वय बनाकर तेजी से करने का सख्त निर्देश दिया। साथ ही जन शिकायतों और नीलाम पत्र के लंबित मामलों का दैनिक रूप से निष्पादन करने को कहा गया।
बैठक में इनकी रही प्रमुख उपस्थिति
इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में उपायुक्त के अलावा निदेशक एनईपी सह अपर उपायुक्त संतोष गर्ग, जिला परिवहन पदाधिकारी धनंजय, जेएनएसी (JNAC) के उप नगर आयुक्त कृष्ण कुमार, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी गुंजन सिन्हा सहित जिले के सभी अंचलाधिकारी (CO), अभियंता, NHAI, टाटा स्टील, रेलवे और DVC के प्रतिनिधि मौजूद रहे।




