जमशेदपुर। पूर्वी सिंहभूम जिला कांग्रेस कमिटी के तत्वावधान में कांग्रेस पार्टी के एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने साकची थाने पहुंचकर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया है। जिलाध्यक्ष परविंदर सिंह की अध्यक्षता में एकजुट हुए कांग्रेस नेताओं ने असम के मुख्यमंत्री हेमंता विश्व शर्मा के खिलाफ आधिकारिक तौर पर एफआईआर (FIR) दर्ज कराई है। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि असम के मुख्यमंत्री द्वारा कांग्रेस पार्टी के शीर्ष और वरिष्ठ नेता के खिलाफ सार्वजनिक रूप से बेहद अमर्यादित और आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया गया है, जिससे देशभर के पार्टी कार्यकर्ताओं की भावनाएं आहत हुई हैं।
स्तरहीन बयानबाजी पर हो कठोर कानूनी कार्रवाई: परविंदर सिंह
साकची थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराने के बाद जिलाध्यक्ष परविंदर सिंह ने मीडिया से बातचीत करते हुए इस घटना पर अपनी कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता और असम के मुख्यमंत्री हेमंता विश्व शर्मा द्वारा दिया गया बयान बेहद स्तरहीन और निंदनीय है। लोकतांत्रिक व्यवस्था और राजनीति में इस तरह की अभद्र और अमर्यादित भाषा के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए। उन्होंने पुलिस प्रशासन से स्पष्ट मांग की है कि इस मामले की गंभीरता को देखते हुए असम के मुख्यमंत्री पर त्वरित और कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए ताकि भविष्य में राजनीतिक मंचों से होने वाली ऐसी बयानबाजी पर रोक लग सके।
दूसरे दल के नेताओं का अपमान करती है भाजपा: अवधेश सिंह
इस विरोध प्रदर्शन और शिकायत दर्ज कराने के दौरान मौजूद कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष अवधेश सिंह ने भी भाजपा नेताओं की कार्यशैली पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि भाजपा के कई नेता अक्सर अपने राजनीतिक फायदे के लिए दूसरे दलों के सम्मानित नेताओं के खिलाफ अमर्यादित और अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल करते हैं, जो उनकी राजनीतिक हताशा को दर्शाता है। अवधेश सिंह ने कहा कि देश का कानून सबके लिए बराबर है, इसलिए ऐसी भड़काऊ और आपत्तिजनक बयानबाजी करने वालों पर निश्चित रूप से कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
प्रतिनिधिमंडल में ये दर्जनों कांग्रेसी नेता रहे शामिल
असम के मुख्यमंत्री के खिलाफ साकची थाने में एफआईआर दर्ज कराने पहुंचे इस उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल में कांग्रेस के कई प्रमुख नेता और दर्जनों सक्रिय कार्यकर्ता मौजूद रहे। इनमें मुख्य रूप से कार्यकारी अध्यक्ष अवधेश कुमार सिंह, बिजय यादव, कमलेश कुमार पाण्डेय, जसवंत सिंह जस्सी, राजकिशोर यादव, ब्रजेन्द्र तिवारी, गुरदीप सिंह, अतुल गुप्ता, सुखदेव सिंह मल्ली, राजीव मिश्रा, राजा सिंह राजपूत, संजय यादव, फिरोज खान, अमित श्रीवास्तव, बबलू नौशाद, परविंदर सिंह सोहल, लव कुमार निराला, सुल्तान अहमद, संतोष कुमार शर्मा, लखविंदर करुआ, मकसूद आलम, अजय कुमार शर्मा, विनोद यादव, रविंद्र मौर्या, रणजीत सिंह कल्लू, हरेकृष्ण लोहार, राजकुमार वर्मा, अखिलेश यादव, ईसान पात्रा और संजय सिंह आजाद शामिल थे। पत्र का प्रारूप पुलिस को सौंपकर सभी ने एक स्वर में न्यायोचित कार्रवाई की मांग की है।




