जमशेदपुर। पुस्तकीय ज्ञान को जमीनी हकीकत और व्यावहारिक अनुभव से जोड़ने के एक शानदार प्रयास के तहत, कोल्हान विश्वविद्यालय के अंतर्गत आने वाले जमशेदपुर के तीन प्रमुख कॉलेजों के छात्रों के लिए एक विशेष शैक्षणिक भ्रमण (एजुकेशनल टूर) का आयोजन किया गया। शनिवार, 11 अप्रैल 2026 को लाल बहादुर शास्त्री मेमोरियल कॉलेज (एलबीएसएम), जमशेदपुर वर्कर्स कॉलेज और एबीएम (A.B.M.) कॉलेज के भूगोल विभाग के विद्यार्थियों को इस संयुक्त शैक्षणिक यात्रा पर ले जाया गया। यह भ्रमण बी.ए. छठे सेमेस्टर के मेजर-6 प्रायोगिक (प्रैक्टिकल) पेपर के पाठ्यक्रम का एक अहम हिस्सा था, जिसमें तीनों कॉलेजों के कुल 117 विद्यार्थियों ने भारी उत्साह और ऊर्जा के साथ भाग लिया।
सन टेंपल की वास्तुकला से लेकर दशम फॉल की भौगोलिक संरचना का किया अध्ययन
इस शैक्षणिक यात्रा का मुख्य उद्देश्य भूगोल के विद्यार्थियों को कक्षा में अर्जित किए गए सैद्धांतिक ज्ञान (थ्योरी) को प्राकृतिक और सांस्कृतिक स्थलों पर जाकर व्यावहारिक रूप (प्रैक्टिकल) से समझने का सीधा अवसर प्रदान करना था। भ्रमण कार्यक्रम की शुरुआत प्रसिद्ध ‘सन टेंपल’ (सूर्य मंदिर) के अवलोकन के साथ हुई, जहां विद्यार्थियों ने मंदिर की अद्भुत स्थापत्य कला (वास्तुकला) और इसके गहरे सांस्कृतिक महत्व का बारीकी से अध्ययन किया। इसके पश्चात, छात्रों का दल प्राकृतिक छटा से भरपूर ‘दशम फॉल’ (Dassam Falls) पहुंचा। भूगोल के छात्रों के लिए यह स्थल विशेष आकर्षण का केंद्र रहा, जहां उन्होंने जलप्रपात की भौगोलिक संरचना, चट्टानों के स्वरूप और वहां के प्राकृतिक सौंदर्य का गहराई से विश्लेषण किया।
बिरला साइंस म्यूजियम और ऐतिहासिक टैगोर हिल का भी किया दौरा
प्रकृति और संस्कृति के अध्ययन के बाद, विद्यार्थियों के दल ने ‘बिरला साइंस म्यूजियम’ का दौरा किया। यहां छात्रों ने विज्ञान और प्रौद्योगिकी से संबंधित विभिन्न इंटरैक्टिव प्रदर्शनों, मॉडल्स और वैज्ञानिक सिद्धांतों का अवलोकन किया, जिसने उनके वैज्ञानिक दृष्टिकोण को और व्यापक बनाया। इस ज्ञानवर्धक भ्रमण के अंतिम चरण में, सभी विद्यार्थियों ने ऐतिहासिक और सुरम्य ‘टैगोर हिल’ (Tagore Hill) का भ्रमण किया। शिक्षकों ने छात्रों को बताया कि यह स्थल नोबेल पुरस्कार विजेता और महान साहित्यकार रवींद्रनाथ टैगोर और उनके परिवार से गहराई से जुड़ा हुआ है, जिससे छात्रों ने इसके ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक महत्व को समझा।
पाँच प्राध्यापकों के मार्गदर्शन में सुरक्षित और सफल रहा यह टूर
यह पूरी शैक्षणिक यात्रा भूगोल विभाग के पांच अनुभवी प्राध्यापकों के कुशल मार्गदर्शन और देखरेख में सफलतापूर्वक संपन्न हुई। इस टीम में सुश्री रितु, डॉ. संतोष कुमार, डॉ. सुरभि, सुश्री शोभा और सुश्री सोनम वर्मा शामिल थीं। इन सभी शिक्षकों ने भ्रमण के दौरान प्रत्येक स्थल पर रुककर विद्यार्थियों को उस जगह के शैक्षणिक, भौगोलिक और सांस्कृतिक महत्व के बारे में विस्तृत और रोचक जानकारी प्रदान की। उन्होंने छात्रों के सवालों के जवाब भी दिए।
छात्रों में अनुसंधान की भावना को मिलेगा बढ़ावा: महाविद्यालय प्रशासन
महाविद्यालय प्रशासन ने इस संयुक्त पहल की सराहना करते हुए कहा कि भूगोल और विज्ञान जैसे विषयों में इस प्रकार के शैक्षणिक भ्रमण नितांत आवश्यक हैं। इससे न केवल विद्यार्थियों में अनुसंधान (रिसर्च) और अन्वेषण की भावना प्रोत्साहित होती है, बल्कि उनके सर्वांगीण व्यक्तित्व विकास में भी यह काफी सहायक सिद्ध होता है। भ्रमण से लौटे विद्यार्थियों के चेहरे पर नई चीजें सीखने की खुशी साफ झलक रही थी। उन्होंने इस अनुभव को अत्यंत ज्ञानवर्धक, रोमांचक और प्रेरणादायक बताया। भ्रमण के अंत में सभी 117 विद्यार्थी और 5 शिक्षक सुरक्षित रूप से जमशेदपुर अपने गंतव्य पर लौट आए।






