
जमशेदपुर: जरूरतमंदों की मदद और मानवता की सेवा के उद्देश्य से रेड क्रॉस भवन में स्व. शफायत हुसैन की स्मृति में रक्तदान शिविर आयोजित किया गया। एहसिन फाउंडेशन के संयोजन में आयोजित इस शिविर में 104 रक्तदाताओं ने रक्तदान कर जरूरतमंदों की मदद का संकल्प दोहराया। कार्यक्रम में इस्लामी धर्मगुरुओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने रक्तदान को मानवता की बड़ी सेवा बताया।
शिविर का उद्घाटन अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। यह आयोजन रेड क्रॉस सोसाइटी, पूर्वी सिंहभूम के पेट्रन एवं एहसिन फाउंडेशन के संस्थापक अध्यक्ष आसिफ मेहमूद के पिता स्व. शफायत हुसैन की स्मृति में किया गया।
रक्तदान मानवता की सबसे बड़ी सेवा: धर्मगुरु
कार्यक्रम में उपस्थित इस्लामी धर्मगुरुओं ने कहा कि किसी जरूरतमंद की मदद करना इंसानियत को जीवित रखने के समान है। उन्होंने कहा कि रक्तदान से किसी व्यक्ति को नया जीवन मिल सकता है, इसलिए यह सेवा का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। अपने माता-पिता और पूर्वजों की स्मृति में समाजसेवा करना भी उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि देने का बेहतर तरीका है।
डॉ. सुमैला आसिफ ने रक्तदान को लेकर समाज में फैली भ्रांतियों को दूर करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि रक्तदान जरूरतमंदों की मदद करने के साथ समाज में सकारात्मकता और सेवा की भावना को भी मजबूत करता है।
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112 बार रक्तदान करने वाले सुखवीर सिंह सम्मानित
शिविर के दौरान टाटा स्टील खेल विभाग के अधिकारी हसन इमाम को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया। वहीं, 112वीं बार रक्तदान करने वाले सुखवीर सिंह मांडला को भी शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया। उनकी निरंतर सेवा भावना की सराहना की गई।
कार्यक्रम की शुरुआत मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की माता एवं दिवंगत शिबू सोरेन की पत्नी रूपी सोरेन तथा प्रसिद्ध अभिनेता नाना पाटेकर के निधन पर दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि देने के साथ हुई।
इस अवसर पर काजी सउद आलम, मुफ्ती निशान्त, मुफ्ती अमिरूल हसन, हाजी अनवर, रेड क्रॉस सोसाइटी के मानद सचिव विजय कुमार सिंह और पेट्रन पूरबी घोष उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन ह्यूमन वेलफेयर ट्रस्ट के सचिव मुख्तार आलम ने किया।
शिविर में कुल 104 लोगों ने रक्तदान कर जरूरतमंद मरीजों के लिए रक्त उपलब्ध कराने की मुहिम में योगदान दिया। आयोजन के माध्यम से पूर्वजों की स्मृति को समाजसेवा से जोड़ने का संदेश दिया गया।


