
जमशेदपुर। दक्षिण पूर्व रेलवे (SER) के महत्वपूर्ण स्टेशनों में शुमार टाटानगर रेलवे स्टेशन पर जोनल रेलवे यूजर्स कंसल्टेटिव कमेटी (जेडआरयूसीसी – ZRUCC) के सदस्य अरुण जोशी का भव्य स्वागत किया गया। हावड़ा-रांची इंटरसिटी एक्सप्रेस से सफर के दौरान टाटानगर स्टेशन पहुंचने पर रेल सिविल डिफेंस इंस्पेक्टर संतोष कुमार ने उन्हें पुष्प गुच्छ भेंट कर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। इस औपचारिक लेकिन अत्यंत महत्वपूर्ण मुलाकात के दौरान रेलवे में यात्री सुरक्षा, आपदा प्रबंधन और कर्मचारियों की जागरूकता जैसे कई अहम विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। टाटानगर स्टेशन से रोजाना हजारों की संख्या में यात्री सफर करते हैं, ऐसे में सुरक्षा मानकों को लेकर हुई यह चर्चा काफी मायने रखती है।
सिविल डिफेंस टीम के जागरूकता अभियानों की जेडआरयूसीसी सदस्य ने की सराहना
मुलाकात के दौरान जेडआरयूसीसी सदस्य अरुण जोशी ने टाटानगर सिविल डिफेंस टीम के कार्यों की जमकर प्रशंसा की। उन्होंने विशेष रूप से रेलवे में सुरक्षा और संरक्षण के प्रति कर्मचारियों को जागरूक करने के लिए चलाए जा रहे अभियानों की तारीफ की। अरुण जोशी ने कहा कि लोको पायलट, स्टेशन मैनेजर, ट्रेन मैनेजर (गार्ड) सहित रेलवे के विभिन्न विभागों के कर्मचारियों को आपदा संबंधी कार्यों का जो नियमित प्रशिक्षण दिया जा रहा है, वह बेहद सराहनीय कदम है। यह प्रशिक्षण भारतीय रेलवे में किसी भी संभावित आपदा या आपात स्थिति के समय रेलवे की बहुमूल्य संपत्ति और यात्रियों की जान-माल की सुरक्षा की मजबूत गारंटी प्रदान करता है। जब रेलवे कर्मचारी किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह प्रशिक्षित होते हैं, तो इससे रेलवे की कार्यप्रणाली के प्रति आम यात्रियों का विश्वास और अधिक बढ़ता है।
कुली, वेंडर और ठेका मजदूरों को भी आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण देने का दिया सुझाव
रेलवे स्टेशनों पर यात्री सुविधाओं और सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक पुख्ता बनाने के उद्देश्य से जेडआरयूसीसी सदस्य अरुण जोशी ने एक बेहद व्यावहारिक और महत्वपूर्ण सुझाव भी दिया। उन्होंने सिविल डिफेंस इंस्पेक्टर को परामर्श देते हुए कहा कि स्टेशन पर कार्यरत नियमित रेलवे कर्मचारियों के साथ-साथ वहां काम करने वाले वेंडर, कुली (लाइसेंसी पोर्टर) और ठेका मजदूरों को भी आपदा प्रबंधन और सुरक्षा संबंधी बुनियादी प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए। चूंकि ये लोग हमेशा प्लेटफॉर्म पर और सीधे यात्रियों के बीच मौजूद रहते हैं, इसलिए किसी भी आपात स्थिति या दुर्घटना के समय वे ‘प्रथम प्रतिक्रियाकर्ता’ (फर्स्ट रिस्पॉन्डर) की अहम भूमिका निभा सकते हैं। इन्हें प्रशिक्षित करने से स्टेशन परिसर की सुरक्षा व्यवस्था अभेद्य हो जाएगी और त्वरित मदद पहुंचाई जा सकेगी।
रेलवे सुरक्षा को लेकर टाटानगर प्रशासन की प्रतिबद्धता और तत्परता
टाटानगर स्टेशन प्रशासन और सिविल डिफेंस टीम यात्रियों की सुरक्षित और सुगम यात्रा के लिए लगातार प्रतिबद्ध है। इसी दिशा में स्टेशन पर समय-समय पर मॉक ड्रिल और विभिन्न जागरूकता शिविरों का आयोजन किया जाता रहता है। अरुण जोशी के इस अहम सुझाव के बाद उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही कुलियों और वेंडरों को भी इस सुरक्षा अभियान का हिस्सा बनाया जाएगा। इस औपचारिक मुलाकात और विचार-विमर्श के दौरान टाटानगर सिविल डिफेंस इंस्पेक्टर संतोष कुमार के अलावा डेमोंस्ट्रेटर कल्याण कुमार साहू तथा रेलवे के अन्य कर्मचारी गण मुख्य रूप से उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर रेलवे सुरक्षा को और बेहतर बनाने का संकल्प दोहराया।


