जमशेदपुर: आज के डिजिटल और सोशल मीडिया के युग में जहां पत्र लेखन की कला धीरे-धीरे लुप्त होती जा रही है, वहीं सिंहभूम मंडल के डाक विभाग ने इसे पुनर्जीवित करने और स्कूली बच्चों में रचनात्मकता को बढ़ावा देने के लिए एक बेहद सराहनीय कदम उठाया है। जमशेदपुर में शिक्षा और रचनात्मकता को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से डाक विभाग द्वारा आयोजित विभिन्न राष्ट्रीय और क्षेत्रीय स्तर की पत्र लेखन प्रतियोगिताओं के विजेताओं को एक भव्य समारोह में पुरस्कृत किया गया। इस विशेष कार्यक्रम के माध्यम से न केवल होनहार बच्चों की उत्कृष्ट लेखन शैली और विचारों को सराहा गया, बल्कि उन्हें डाकघर बचत खाता प्रदान कर कम उम्र में ही वित्तीय साक्षरता (Financial Literacy) से जोड़ने का भी एक सार्थक प्रयास किया गया।
दीन दयाल स्पर्श योजना: 6 होनहार छात्रों को मिली छात्रवृत्ति
डाक विभाग की महत्वाकांक्षी ‘दीन दयाल स्पर्श योजना’ के तहत आयोजित प्रतियोगिता में सिंहभूम मंडल के विभिन्न स्कूलों से कुल 6 मेधावी और प्रतिभाशाली बच्चों का चयन किया गया है। विभाग द्वारा इन सभी विजेता छात्र-छात्राओं को प्रोत्साहन स्वरूप 6,000 रुपये का चेक प्रदान कर सम्मानित किया गया। इसके साथ ही, भविष्य के लिए बचत की आदत डालने के उद्देश्य से इन सभी बच्चों का एक डाकघर बचत खाता भी खोला गया है।
इस योजना के तहत पुरस्कार पाने वाले होनहार छात्रों में कृष्णा पब्लिक स्कूल के उमंग कुमार गुप्ता, अनुष्का कुमारी और आर्यमन चतुर्वेदी शामिल हैं। वहीं, मोतीलाल नेहरू पब्लिक स्कूल से आराध्या सृष्टि ने यह सम्मान प्राप्त किया है। इसके अलावा वैली व्यू स्कूल के होनहार छात्र रोनित पात्रा और सजन कुमार भगत को भी इस प्रतिष्ठित छात्रवृत्ति से नवाजा गया है।
‘ढाई आखर’ प्रतियोगिता में तनीषा ने लहराया परचम
राष्ट्रीय स्तर पर डाक विभाग द्वारा आयोजित होने वाली बहुचर्चित ‘ढाई आखर’ पत्र लेखन प्रतियोगिता में भी जमशेदपुर की बेटी ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है और पूरे शहर को गौरवान्वित किया है। सीएम एसओई (CM SOE) गर्ल्स स्कूल, साकची की होनहार छात्रा तनीषा कुमारी पांडे ने 18 वर्ष आयु वर्ग की श्रेणी में अपने उत्कृष्ट लेखन का प्रदर्शन करते हुए पूरे झारखंड राज्य में द्वितीय स्थान प्राप्त किया है। उनकी इस शानदार और गौरवपूर्ण उपलब्धि के लिए डाक विभाग द्वारा उन्हें 10,000 रुपये की नकद पुरस्कार राशि प्रदान कर सम्मानित किया गया। तनीषा की इस सफलता ने शहर के अन्य युवाओं के लिए भी एक मिसाल पेश की है।
पत्र लेखन की विलुप्त होती कला को पुनर्जीवित करने का संकल्प
इस सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए डाक अधीक्षक (सिंहभूम मंडल) उदयभान सिंह ने बच्चों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा, “ऐसे रचनात्मक आयोजनों से बच्चों और युवाओं में पत्र लेखन की विलुप्त होती कला के प्रति नई रुचि जागृत होती है। पत्रों में जो गहराई और भावनाएं होती हैं, वे डिजिटल संदेशों में नहीं मिलतीं। हम भविष्य में भी ऐसी ज्ञानवर्धक प्रतियोगिताएं लगातार आयोजित करते रहेंगे और हमें पूरी उम्मीद है कि आने वाले समय में शहर के अधिक से अधिक छात्र इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा लेंगे।”
शिक्षा जगत ने की डाक विभाग की इस अनूठी पहल की सराहना
कार्यक्रम के दौरान शिक्षा जगत के कई गणमान्य लोग भी उपस्थित थे। इस अवसर पर मोतीलाल नेहरू पब्लिक स्कूल की प्राचार्य ने डाक विभाग की इस अनूठी और रचनात्मक पहल की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि इस तरह के पुरस्कार और सम्मान बच्चों का मनोबल काफी बढ़ाते हैं। इससे वे न केवल मुख्यधारा की किताबी शिक्षा में बेहतर प्रदर्शन करते हैं, बल्कि रचनात्मक और सामाजिक कार्यों से भी गहराई से जुड़ते हैं। कार्यक्रम के अंत में डाक अधीक्षक उदयभान सिंह ने सभी विजेता बच्चों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए ढेरों शुभकामनाएं दीं और शहर के अन्य विद्यार्थियों को आगामी प्रतियोगिताओं के लिए प्रेरित करते हुए समारोह का समापन किया।






