जमशेदपुर / चक्रधरपुर:
दक्षिण पूर्व रेलवे (SER) के चक्रधरपुर मंडल ने यात्री सुविधाओं और रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर को हाई-टेक बनाने के लिए करोड़ों रुपये की विकास परियोजनाओं को हरी झंडी दे दी है। इसके तहत टाटानगर, आदित्यपुर, कांड्रा, झारसुगुड़ा सहित कई स्टेशनों पर आधुनिकीकरण और विस्तार का कार्य किया जाएगा। रेलवे ने इन कार्यों को जल्द से जल्द धरातल पर उतारने के लिए ई-निविदा (E-Tender) जारी कर दी है। सभी कार्यों को पूरा करने का लक्ष्य छह महीने रखा गया है।
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मुख्य आकर्षण: किन स्टेशनों पर क्या होगा बदलाव?
टाटानगर जंक्शन: बढ़ेंगी सुविधाएं
टाटानगर स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या 4 और 5 का विस्तार किया जाएगा, जिससे लंबी ट्रेनों के ठहराव और यात्रियों की भीड़ को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी। पार्सल प्लेटफॉर्म की विशेष रूप से मरम्मत की जाएगी।वही टाटानगर सहित चक्रधरपुर, राउरकेला और झारसुगुड़ा स्टेशनों पर आधुनिक ‘ट्रू कलर’ डिस्प्ले बोर्ड (OVD, PDB, AGDB) लगाए जाएंगे, जिससे यात्रियों को ट्रेनों की आवाजाही की स्पष्ट और सटीक जानकारी मिल सकेगी।
आदित्यपुर स्टेशन: नया फुट ओवर ब्रिज
आदित्यपुर स्टेशन में प्लेटफॉर्म एक से दूसरे प्लेटफॉर्म तक जाने में हो रही परेशानी को दूर करने के लिए इस स्टेशन पर एक नए फुट ओवर ब्रिज (FOB) का निर्माण किया जाएगा। इसके अलावे स्टेशन पर पीने के पानी की समस्या को सुलझाने के लिए सेडिमेंटेशन टैंक का निर्माण कर जल आपूर्ति व्यवस्था को बढ़ाया जाएगा।
कांड्रा स्टेशन: हाई-टेक होगी अनाउंसमेंट प्रणाली
कांड्रा स्टेशन पर आधुनिक आईपी (IP) आधारित एकीकृत यात्री सूचना प्रणाली लगाई जाएगी। इसमें स्वचालित उद्घोषणा प्रणाली (Auto Announcement System) भी शामिल होगी, जिससे बिना किसी मानवीय चूक के यात्रियों को ट्रेनों के बारे में लगातार जानकारी मिलती रहेगी।
छोटे स्टेशनों और हॉल्ट पर भी रेलवे का फोकस
सिधिरसाई पैसेंजर हॉल्ट: टाटानगर-बादामपहाड़ रेलखंड पर स्थित इस स्टेशन के प्लेटफॉर्म को ऊंचा किया जाएगा ताकि बुजुर्गों और महिलाओं को ट्रेन में चढ़ने-उतरने में परेशानी न हो।
झारसुगुड़ा स्टेशन:
यहां GPON प्रौद्योगिकी के साथ रेलनेट कनेक्शन और मुफ्त वाई-फाई (Wi-Fi) की सुविधा बहाल की जाएगी।
चाईबासा-सिंहपोखरिया अनुभाग: इंटरलॉक्ड लेवल क्रॉसिंग गेट संख्या RBK-14 के उन्मूलन और सुरक्षा मानकों में सुधार के लिए इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग में बदलाव किए जाएंगे।
6 महीने में पूरे करने होंगे सभी कार्य
रेलवे द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, प्रत्येक निविदा कार्य को पूरा करने की समय-सीमा 06 (छह) महीने तय की गई है। इससे जमशेदपुर, चाईबासा और चक्रधरपुर क्षेत्र के लाखों यात्रियों को जल्द ही बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।
बोलीदाताओं के लिए महत्वपूर्ण निर्देश
इच्छुक निविदादाताओं के पास क्लास-III डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट होना अनिवार्य है। साथ ही, उनका रेलवे के आधिकारिक पोर्टल www.ireps.gov.in पर पंजीकृत होना आवश्यक है। निविदा से संबंधित विस्तृत जानकारी, शर्तें और नियम इसी वेबसाइट पर देखे जा सकते हैं।