
आदित्यपुर: आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र के अंतर्गत आदित्यपुर थाना रोड में जलजमाव और गंदे पानी की निकासी एक गंभीर समस्या बन गई है। कुछ दुकानदारों द्वारा सरकारी नाली को कथित तौर पर जाम कर दिए जाने के कारण मुख्य सड़क पर गंदा पानी बह रहा है। इस गंभीर जनसमस्या को लेकर अब जन कल्याण मोर्चा ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। मोर्चा के अध्यक्ष ओम प्रकाश ने सरायकेला-खरसावाँ के उपायुक्त, आदित्यपुर नगर निगम के नगर आयुक्त और सरायकेला के अनुमंडल पदाधिकारी को आधिकारिक पत्र लिखकर दोषी दुकानदारों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

शेर-ए-पंजाब चौक से थाना रोड का बुरा हाल
जन कल्याण मोर्चा द्वारा 10 जुलाई 2026 को सौंपे गए शिकायत पत्र (पत्रांक 08/26) में स्पष्ट रूप से बताया गया है कि शेर-ए-पंजाब चौक से आदित्यपुर थाना जाने वाले रास्ते में मुख्य सड़क के दाहिनी ओर एक नई बिल्डिंग का निर्माण कार्य चल रहा है। इसी निर्माणाधीन बिल्डिंग के बाएं छोर पर नाली पूरी तरह से जाम हो गई है। इसका नतीजा यह है कि दिंदली बाजार से लेकर कई आवासीय घरों का गंदा पानी नाली से पार न होकर सीधे मुख्य सड़क पर बह रहा है। सड़क पर बहते इस गंदे पानी से पूरे इलाके में भयंकर दुर्गंध फैल रही है, जिससे आम नागरिकों, राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
दुकानदारों पर सरकारी नाली बंद करने का आरोप
पत्र में इस बात की भी पुख्ता सूचना दी गई है कि इस इलाके के कुछ दुकानदारों ने अपने निजी स्वार्थ के लिए सरकारी नाला को बंद कर दिया है। नाला बंद होने के फलस्वरूप गंदे पानी की निकासी मुख्य नाले तक नहीं हो पा रही है और सारा मलजल सड़क पर जमा हो रहा है। इससे न केवल यातायात प्रभावित हो रहा है बल्कि भयंकर जलजमाव के कारण क्षेत्र में संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा भी बढ़ गया है।
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बी.एन.एस.एस.-152 के तहत कार्रवाई की मांग
अध्यक्ष ओम प्रकाश ने प्रशासनिक अधिकारियों से जनहित में तुरंत हस्तक्षेप करने की अपील की है। उन्होंने मांग की है कि सरकारी नाली को जानबूझकर जाम करने वाले प्रत्येक व्यक्ति और दुकानदार के विरुद्ध बी.एन.एस.एस.-152 (133 द०प्र०सं०) की धारा के तहत कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाए। मोर्चा ने प्रशासन से आग्रह किया है कि अविलंब बंद नाली को खुलवाकर मुख्य नाली तक पानी की निकासी की सुचारू व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि स्थानीय लोगों को इस नारकीय स्थिति से मुक्ति मिल सके। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि आदित्यपुर नगर निगम और जिला प्रशासन इस शिकायत पर कितनी जल्दी संज्ञान लेता है।


