
आदित्यपुर। बिहार के पूर्व सांसद एवं वरिष्ठ नेता आनंद मोहन सोमवार को आदित्यपुर के एम-टाइप स्थित पूर्व ईचागढ़ विधायक अरविंद सिंह के आवास पहुंचे। इस दौरान आदित्यपुर नगर निगम के डिप्टी मेयर अंकुर सिंह ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। मुलाकात के दौरान बिहार की राजनीति, लोकतंत्र में विपक्ष की भूमिका और नए जनप्रतिनिधियों के कामकाज को लेकर आनंद मोहन ने अपनी राय रखी।
जनप्रतिनिधियों के मूल्यांकन के लिए समय जरूरी
पत्रकारों से बातचीत में आनंद मोहन ने कहा कि किसी भी नए जनप्रतिनिधि को उसके कार्यों के आधार पर परखने से पहले पर्याप्त समय दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कम से कम छह माह से एक वर्ष तक काम करने का अवसर मिलने के बाद ही किसी जनप्रतिनिधि के प्रदर्शन का सही मूल्यांकन किया जा सकता है।
डिप्टी मेयर अंकुर सिंह का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि युवा नेतृत्व को अपनी क्षमता साबित करने का अवसर मिलना चाहिए। युवाओं को जिम्मेदारी मिलने से वे अपने अनुभव और ऊर्जा के माध्यम से क्षेत्र के विकास में योगदान दे सकते हैं।
आलोचना और मतभेद लोकतंत्र के लिए जरूरी
आनंद मोहन ने कहा कि लोकतंत्र में विचारों का मतभेद और आलोचना स्वाभाविक प्रक्रिया है। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने वाला महत्वपूर्ण आधार बताया। उनके अनुसार, अलग-अलग विचारों के बीच संवाद और स्वस्थ आलोचना से व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिलती है।
नीतीश कुमार के नेतृत्व की सराहना
बिहार की राजनीति पर चर्चा करते हुए आनंद मोहन ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व की सराहना की। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार ने सुशासन और विकास के क्षेत्र में नई पहचान बनाई है।
उन्होंने अपने जमशेदपुर दौरे को राजनीतिक उद्देश्य से जोड़ने से इनकार करते हुए कहा कि उनका दौरा पुराने रिश्तों को मजबूत करने और सामाजिक समरसता का संदेश देने के उद्देश्य से है।
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कई स्थानीय लोग रहे मौजूद
आनंद मोहन के आदित्यपुर पहुंचने के दौरान स्थानीय स्तर के कई लोग मौजूद रहे। इनमें वार्ड पार्षद सुधीर चौधरी, मनोज आनंद, मनोज सिंह, जगदीश नारायण चौबे, संजय सिंह हितैषी, डॉ. मृत्युंजय सिंह और लाल बाबू सिंह समेत अन्य लोग शामिल थे।

